अपने दिल के मश्रिक-ओ-मग़रिब उस के रुख़ से मुनव्वर हैं,
बे-शक तेरा रूप भी कामिल बे-शक तू भी तमाम है चाँद|
इब्न-ए-इंशा
A sky full of cotton beads like clouds
अपने दिल के मश्रिक-ओ-मग़रिब उस के रुख़ से मुनव्वर हैं,
बे-शक तेरा रूप भी कामिल बे-शक तू भी तमाम है चाँद|
इब्न-ए-इंशा
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