A sky full of cotton beads like clouds
ज़ेहन की शाख़ों पर अशआर आ जाते हैं,
जब तेरी यादों का मौसम होता है|
जावेद अख़्तर
🪶🫂
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अशआर मेरे यूँ तो जमाने के लिए हैं, कुछ शेर फ़क़त उनको सुनाने के लिए हैं।
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जी, बिलकुल
Δ
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