मेहँदियों से रचा हुआ!

मुझे हादसों ने सजा सजा के बहुत हसीन बना दिया,

मिरा दिल भी जैसे दुल्हन का हाथ हो मेहँदियों से रचा हुआ|

                  बशीर बद्र

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