वही ख़त कि जिस पे जगह जगह दो महकते होंटों के चाँद थे,
किसी भूले-बिसरे से ताक़ पर तह-ए-गर्द होगा दबा हुआ|
बशीर बद्र
A sky full of cotton beads like clouds
वही ख़त कि जिस पे जगह जगह दो महकते होंटों के चाँद थे,
किसी भूले-बिसरे से ताक़ पर तह-ए-गर्द होगा दबा हुआ|
बशीर बद्र
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