ज़िंदगी है तल्ख़!

जिस पे दिल आया है वो शीरीं-अदा मिलता नहीं,

ज़िंदगी है तल्ख़ जीने का मज़ा मिलता नहीं|

अकबर इलाहाबादी

Leave a comment