पास बुला कर देख!

दरवाज़े के पास आ आ कर वापस मुड़ती चाप,

कौन है इस सुनसान गली में पास बुला कर देख|

मुनीर नियाज़ी

One response to “पास बुला कर देख!”

  1. किस किस को पास बुलाऊं में जिंदगी को बुलाता हूं तो साथ मौत भी पास आती है

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