मुल्कों मुल्कों शहरों शहरों जोगी बन कर घूमा कौन,
‘क़र्या-ब-क़र्या सहरा-ब-सहरा’* ख़ाक ये किस ने फाँकी है|
*Villages and deserts
इब्न-ए-इंशा
A sky full of cotton beads like clouds
मुल्कों मुल्कों शहरों शहरों जोगी बन कर घूमा कौन,
‘क़र्या-ब-क़र्या सहरा-ब-सहरा’* ख़ाक ये किस ने फाँकी है|
*Villages and deserts
इब्न-ए-इंशा
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