मुझी में है समुंदर मेरा!

हर घड़ी ख़ुद से उलझना है मुक़द्दर मेरा,
मैं ही कश्ती हूँ मुझी में है समुंदर मेरा|

निदा फ़ाज़ली

2 responses to “मुझी में है समुंदर मेरा!”

    1. हार्दिक धन्यवाद जी।

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