
इक बिरहमन ने कहा है कि ये साल अच्छा है।
आंधी नफ़रत की चलेगी न कहीं अब के बरस
प्यार की फ़स्ल उगाएगी ज़मीं अब के बरस|
साबिर दत्त
A sky full of cotton beads like clouds

इक बिरहमन ने कहा है कि ये साल अच्छा है।
आंधी नफ़रत की चलेगी न कहीं अब के बरस
प्यार की फ़स्ल उगाएगी ज़मीं अब के बरस|
साबिर दत्त
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