प्यार की फ़स्ल उगाएगी ज़मीं!

इक बिरहमन ने कहा है कि ये साल अच्छा है।
आंधी नफ़रत की चलेगी न कहीं अब के बरस
प्यार की फ़स्ल उगाएगी ज़मीं अब के बरस|

साबिर दत्त

2 responses to “प्यार की फ़स्ल उगाएगी ज़मीं!”

  1. Beautiful…. happy new year sir…

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      Thanks a lot, Happy New year to you too.

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