Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 27th Apr 2023

    किताब साँसों की!

    बिखर बिखर सी गई है किताब साँसों की, ये काग़ज़ात ख़ुदा जाने कब कहाँ उड़ जाएँ| राहत इंदौरी

  • 27th Apr 2023

    हड्डियाँ उड़ जाएँ!

    ज़मीं से एक तअल्लुक़ ने बाँध रक्खा है, बदन में ख़ून नहीं हो तो हड्डियाँ उड़ जाएँ| राहत इंदौरी

  • 27th Apr 2023

    बस्तियाँ उड़ जाएँ!

    ख़ुदा का शुक्र कि मेरा मकाँ सलामत है, हैं उतनी तेज़ हवाएँ कि बस्तियाँ उड़ जाएँ| राहत इंदौरी

  • 27th Apr 2023

    सर्दियाँ उड़ जाएँ!

    ये सर्द रातें भी बनकर अभी धुआँ उड़ जाएँ, वो इक लिहाफ़ मैं ओढूँ तो सर्दियाँ उड़ जाएँ| राहत इंदौरी

  • 27th Apr 2023

    दिल है तुम्हारा फूल सा

    बे-कार जी पे बोझ लिए फिर रहे हो तुम, दिल है तुम्हारा फूल सा अफ़्सोस मत करो|    बशीर बद्र

  • 27th Apr 2023

    फिर से ख़ुदा मिलाएगा!

    वो तुमसे आज दूर है कल पास आएगा, फिर से ख़ुदा मिलाएगा अफ़्सोस मत करो| बशीर बद्र

  • 27th Apr 2023

    फूलों पे तितलियाँ!

    ये देखो फिर से आ गईं फूलों पे तितलियाँ, इक रोज़ वो भी आएगा अफ़्सोस मत करो| बशीर बद्र

  • 27th Apr 2023

    रीती गागर का क्या होगा!

    आज फिर से मैं जिनको हिन्दी में गीतों के राजकुंवर के नाम से जाना जाता है, ऐसे स्वर्गीय गोपाल दास नीरज जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| नीरज जी कवि सम्मेलनों की शान हुआ करते थे और हिन्दी फ़िल्मों के लिए भी उन्होंने कुछ अमर गीत लिखे हैं| नीरज जी की कुछ रचनाएं…

  • 26th Apr 2023

    कई क़र्ज़ हैं मगर!

    इस ज़िंदगी के मुझ पे कई क़र्ज़ हैं मगर, मैं जल्द लौट आऊँगा अफ़्सोस मत करो| बशीर बद्र

  • 26th Apr 2023

    कोई नहीं है बेवफ़ा!

    इंसान अपने आप में मजबूर है बहुत, कोई नहीं है बेवफ़ा अफ़्सोस मत करो| बशीर बद्र

←Previous Page
1 … 966 967 968 969 970 … 1,530
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,132 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar