Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 28th Sep 2023

    अक़्ल ठिकाने आई!

    आज कल फिर दिल-ए-बर्बाद की बातें हैं वही, हम तो समझे थे कि कुछ अक़्ल ठिकाने आई| कैफ़ भोपाली 

  • 28th Sep 2023

    मौत बचाने आई!

    ज़िंदगी बाप की मानिंद सज़ा देती है, रहम-दिल माँ की तरह मौत बचाने आई| कैफ़ भोपाली 

  • 28th Sep 2023

    तन्हाई चुराने आई!

    दर-ओ-दीवार पे शक्लें सी बनाने आई, फिर ये बारिश मेरी तन्हाई चुराने आई| कैफ़ भोपाली 

  • 28th Sep 2023

    ‘मीर’ ओ ‘ग़ालिब’ की!

    जनाब-ए-‘कैफ़’ ये दिल्ली है ‘मीर’ ओ ‘ग़ालिब’ की, यहाँ किसी की तरफ़-दारियाँ नहीं चलतीं| कैफ़ भोपाली 

  • 28th Sep 2023

    पनहारियाँ नहीं चलतीं!

    छलक छलक पड़ीं आँखों की गागरें अक्सर, सँभल सँभल के ये पनहारियाँ नहीं चलतीं| कैफ़ भोपाली 

  • 28th Sep 2023

    ख़ुद्दारियाँ नहीं चलतीं!

    बुरा न मान अगर यार कुछ बुरा कह दे, दिलों के खेल में ख़ुद्दारियाँ नहीं चलतीं| कैफ़ भोपाली 

  • 28th Sep 2023

    सरदारियाँ नहीं चलतीं!

    क़बीले वालों के दिल जोड़िए मिरे सरदार, सरों को काट के सरदारियाँ नहीं चलतीं| कैफ़ भोपाली 

  • 28th Sep 2023

    मक्कारियाँ नहीं चलतीं!

    ये दाढ़ियाँ ये तिलक धारियाँ नहीं चलतीं, हमारे अहद में मक्कारियाँ नहीं चलतीं| कैफ़ भोपाली 

  • 28th Sep 2023

    प्राप्तव्य!

    आज एक बार फिर मैं हिन्दी के एक प्रसिद्ध राष्ट्रवादी कवि स्वर्गीय बालकृष्णशर्मा नवीन जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| स्वर्गीय नवीन जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय बालकृष्णशर्मा नवीन जी की यह कविता- इस धरती पर लाना है,हमें खींच कर स्वर्गकहीं यदि उसका…

  • 27th Sep 2023

    फूलों की अदा!

    आँख वाले नहीं पहचानते उस को ‘मंज़र,’ जितने नज़दीक से फूलों की अदा जानती है|   मंज़र भोपाली

←Previous Page
1 … 851 852 853 854 855 … 1,531
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,133 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar