Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 11th Oct 2024

    कुछ भी दिखाई देता!

    कुछ भी दिखाई देता नहीं दूर दूर तक,चुभती है सूइयों की तरह जब रगों में रात| शहरयार

  • 11th Oct 2024

    यूँ बूँद बूँद उतरी!

    पहले नहाई ओस में फिर आँसुओं में रात,यूँ बूँद बूँद उतरी हमारे घरों में रात| शहरयार

  • 11th Oct 2024

    नयनों का अश्रु-नीर!

    आज एक बार मैं छायावाद युग की प्रमुख कवि स्वर्गीय महादेवी वर्मा जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ|   महादेवी जी की अनेक रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय महादेवी वर्मा जी का यह गीत –  प्रिय इन नयनों का अश्रु-नीर!दुख से आविल सुख से पंकिल,बुदबुद् से…

  • 10th Oct 2024

    दिन हवा होते गए!

    वक़्त किस तेज़ी से गुज़रा रोज़-मर्रा में ‘मुनीर’,आज कल होता गया और दिन हवा होते गए| मुनीर नियाज़ी

  • 10th Oct 2024

    जुदा होते गए!

    ना-शनासी दहर की तन्हा हमें करती गई,होते होते हम ज़माने से जुदा होते गए| मुनीर नियाज़ी

  • 10th Oct 2024

    देखते ही देखते हम!

    महफ़िल-आरा थे मगर फिर कम-नुमा होते गए,देखते ही देखते हम क्या से क्या होते गए| मुनीर नियाज़ी

  • 10th Oct 2024

    कभी रो दिए ग़म!

    ग़म-ए-ख़ास पर कभी चुप रहे,कभी रो दिए ग़म-ए-आम पर| मुनीर नियाज़ी

  • 10th Oct 2024

    नगर परिंदों का ग़ोल!

    ये नगर परिंदों का ग़ोल है,जो गिरा है दाना-ओ-दाम पर| मुनीर नियाज़ी

  • 10th Oct 2024

    रौशनी किसी बाम पर!

    किसी इंतिज़ार-ए-नज़र में है,कोई रौशनी किसी बाम पर| मुनीर नियाज़ी

  • 10th Oct 2024

    पहाड़ है मिरे सामने!

    ये पहाड़ है मिरे सामने,कि किताब मंज़र-ए-आम पर| मुनीर नियाज़ी

←Previous Page
1 … 595 596 597 598 599 … 1,531
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,133 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar