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अच्छे बच्चे!
आज मैं हिन्दी के श्रेष्ठ कवि श्री नरेश सक्सेना जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| नरेश जी की अधिक रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री नरेश सक्सेना जी की यह कविता – कुछ बच्चे बहुत अच्छे होते हैंवे गेंद और ग़ुब्बारे नहीं मांगतेमिठाई नहीं मांगते ज़िद नहीं…
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उन सियाह बालों में!
जैसे आधी शब के बा’द चाँद नींद में चौंके,वो गुलाब की जुम्बिश उन सियाह बालों में| बशीर बद्र
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फूल के प्यालों में!
यूँ किसी की आँखों में सुब्ह तक अभी थे हम,जिस तरह रहे शबनम फूल के प्यालों में| बशीर बद्र