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केवल हिम!
आज एक बार फिर मैं विख्यात हिन्दी कवि स्वर्गीय नरेश मेहता जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| | इनकी कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय नरेश मेहता जी की यह कविता – हिम, केवल हिम-अपने शिवःरूप मेंहिम ही हिम अब!रग-गंध सब परित्याग करभोजपत्रवत हिमाच्छादितवनस्पित से हीनधरित्री-स्वयं…