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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 12th Apr 2025

    उसने मेरे बेगानेपन!

    आज मैं हिंदी के श्रेष्ठ नवगीतकार श्री नचिकेता जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ। नचिकेता जी की अधिक रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री नचिकेता जी का यह नवगीत – उसने मेरेबेगानेपन को हीछेड़ दियाघनी उमस मेंकभी न उसनेपंखा हाँका हैलसिया गए भात कोदेसी घी से छौंका…

  • 11th Apr 2025

    सुधर गया हूँ मैं!

    कू-ए-जानाँ में सोग बरपा है, कि अचानक सुधर गया हूँ मैं| जौन एलिया

  • 11th Apr 2025

    ख़ुद से डर गया हूँ मैं!

    तुम से जानाँ मिला हूँ जिस दिन से,बे-तरह ख़ुद से डर गया हूँ मैं| जौन एलिया

  • 11th Apr 2025

    कभी ख़ुद तक!

    कभी ख़ुद तक पहुँच नहीं पाया,जब कि वाँ उम्र भर गया हूँ मैं| जौन एलिया

  • 11th Apr 2025

    वही नाज़-ओ-अदा!

    वही नाज़-ओ-अदा वही ग़म्ज़े,सर-ब-सर आप पर गया हूँ मैं| जौन एलिया

  • 11th Apr 2025

    अपना सामना!

    अब है बस अपना सामना दर-पेश,हर किसी से गुज़र गया हूँ मैं| जौन एलिया

  • 11th Apr 2025

    जीते-जी जब से!

    क्या बताऊँ कि मर नहीं पाता,जीते-जी जब से मर गया हूँ मैं| जौन एलिया

  • 11th Apr 2025

    सुन रहा हूँ कि!

    कैसे अपनी हँसी को ज़ब्त करूँ,सुन रहा हूँ कि घर गया हूँ मैं| जौन एलिया

  • 11th Apr 2025

    इक हुनर है जो!

    इक हुनर है जो कर गया हूँ मैं,सब के दिल से उतर गया हूँ मैं| जौन एलिया

  • 11th Apr 2025

    सांपिन

    आज मैं हिंदी के श्रेष्ठ कवि श्री नंद किशोर आचार्य जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ। आचार्य जी की अधिक रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री नंद किशोर आचार्य जी की यह कविता – साँपिन अंडे देती हैऔर कुँडली में घेर लेती उन्हेंऔर खाती रहती हैअपने ही…

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