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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 15th Mar 2026

    शायद मुझे ज़माना लगे!

    तुम्हारे बस में अगर हो तो भूल जाओ मुझे,तुम्हें भुलाने में शायद मुझे ज़माना लगे| क़ैसर-उल जाफ़री

  • 15th Mar 2026

    मैं एक शाम चुरा लूँ!

    तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे,मैं एक शाम चुरा लूँ अगर बुरा न लगे| क़ैसर-उल जाफ़री

  • 15th Mar 2026

    लफ्ज़ तोड़-मरोड़े !

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं अपने स्वर में स्वर्गीय अल्हड बीकानेरी जी की यह हास्य रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ- लफ्ज़ तोड़-मरोड़े ग़ज़ल हो गई! आशा है आपको यह पसंद आएगी,धन्यवाद। ******

  • 15th Mar 2026

    रूह को रोग मोहब्बत!

    रूह को रोग मोहब्बत का लगा देती हैं,सेहत-ए-दिल जो अता करती हैं बीमार आँखें| अली सरदार जाफ़री

  • 15th Mar 2026

    कुछ शेर सुनाता हूँ मैं!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं ‘एक दिल सौ अफसाने’ फिल्म के लिए मुकेश जी का गाया प्रसिद्ध गीत अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ- कुछ शेर सुनाता हूँ मैं, जो तुझसे मुख़ातिब हैं! आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद । *******

  • 15th Mar 2026

    तलख़ी-ए-इंकार लिए!

    नोक-ए-अबरू में कभी तलख़ी-ए-इंकार लिए,कभी घोले हुए शीरीनी-ए-इक़रार आँखें| अली सरदार जाफ़री

  • 15th Mar 2026

    अपने आप में!

    आज मैं फिर से अपनी तरह के अनूठे हिंदी कवि स्वर्गीय भवानी प्रसाद मिश्र जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। भवानी दादा की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय भवानी प्रसाद मिश्र जी की यह कविता– अपने आप मेंएक ओछी चीज़ है समयचीज़ों को तोड़ने…

  • 14th Mar 2026

    कभी झुकते हुए बादल!

    कभी झुकते हुए बादल कभी गिरती बिजली,कभी उठती हुई आमादा-ए-पैकार आँखें| अली सरदार जाफ़री

  • 14th Mar 2026

    दिल्ली तो करोडों !

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं स्वर्गीय अल्हड बीकनेरी जी की एक छोटी सी हास्य कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ- दिल्ली तो करोडों दिल वालों की नगरिया है! आशा है आपको यह पसंद आएगी,धन्यवाद। *******

  • 14th Mar 2026

    कभी सहमा हुआ !

    कभी ठहरी हुई यख़-बस्ता ग़मों की झीलें,कभी सहमा हुआ सिमटा हुआ इक प्यार आँखें| अली सरदार जाफ़री

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