Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 29th Jul 2025

    आशियाँ जल गया!

    आशियाँ जल गया, गुल्सिताँ लुट गया, हम क़फ़स से निकल कर किधर जाएँगे,इतने मानूस सय्याद से हो गए, अब रिहाई मिलेगी तो मर जाएँगे| राज़ इलाहाबादी

  • 29th Jul 2025

    समुंदर ने आवाज़ दी!

    इक समुंदर ने आवाज़ दी,मुझ को पानी पिला दीजिए| राज़ इलाहाबादी

  • 29th Jul 2025

    कोई घर जला दीजिए!

    आप अँधेरे में कब तक रहें,फिर कोई घर जला दीजिए| राज़ इलाहाबादी

  • 29th Jul 2025

    क़ीमत-ए-दिल!

    क़ीमत-ए-दिल बता दीजिए,ख़ाक ले कर उड़ा दीजिए| राज़ इलाहाबादी

  • 29th Jul 2025

    तोहमत लगा दीजिए!

    मेरा दामन बहुत साफ़ है,कोई तोहमत लगा दीजिए| राज़ इलाहाबादी

  • 29th Jul 2025

    ज़ुल्फ़ें हटा दीजिए!

    चाँद कब तक गहन में रहे,अब तो ज़ुल्फ़ें हटा दीजिए| राज़ इलाहाबादी

  • 29th Jul 2025

    फिर मुस्कुरा दीजिए!

    लज़्ज़त-ए-ग़म बढ़ा दीजिए,आप फिर मुस्कुरा दीजिए| राज़ इलाहाबादी

  • 29th Jul 2025

    राह-ए-वफ़ा में !

    राह-ए-वफ़ा में फूल नहीं हैं ख़ार बहुत हैं ‘हस्ती’ जी,प्यार का दुश्मन सारा ज़माना पहले भी था आज भी है| हस्तीमल हस्ती

  • 29th Jul 2025

    जल रहे हैं दीप, जलती है जवानी-1

    एक बार फिर से आज मैं, विख्यात हिंदी कवि स्वर्गीय शिव मंगल सिंह सुमन जी की एक रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ। सुमन जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय शिव मंगल सिंह सुमन जी की यह कविता– दीप, जिनमें स्नेहकन ढाले गए हैंवर्तिकाएँ बट बिसुध बाले…

  • 28th Jul 2025

    जिस पंछी की परवाजों में!

    जिस पंछी की परवाजों में जोश-ए-जुनूँ भी शामिल हो,उस की ख़ातिर आब-ओ-दाना पहले भी था आज भी है| हस्तीमल हस्ती

←Previous Page
1 … 346 347 348 349 350 … 1,527
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,136 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar