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जितनी दूर नयन से सपना!
आज मैं एक बार फिर अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से एक श्रेष्ठ साहित्यिक गीत शेयर कर रहा हूँ।आज का गीत मेरे लिए गुरुतुल्य रहे स्वर्गीय डॉक्टर कुंवर बेचैन जी का है और मुझे बहुत प्रिय है।लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय कुंवर बेचैन जी का यह गीत मेरे स्वर में-जितनी दूर नयन से सपना, जितनी…
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एक नाम अधरों पर आया!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी की एक रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ। नंदन जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी की यह कविता – एक नाम अधरों पर आया,अंग-अंग चंदन वन हो गया. बोल है कि वेद की ऋचायेंसांसों में…
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बहाना कर के तन्हा!
मुझे ऐ नाख़ुदा आख़िर किसी को मुँह दिखाना है,बहाना कर के तन्हा पार उतर जाना नहीं आता| यगाना चंगेज़ी
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मुझे दिल की ख़ता पर!
मुझे दिल की ख़ता पर ‘यास’ शरमाना नहीं आता,पराया जुर्म अपने नाम लिखवाना नहीं आता| यगाना चंगेज़ी
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बिखरा हुआ हूँ वक़्त!
बिखरा हुआ हूँ वक़्त के शाने पे गर्द सा,इक ज़ुल्फ़-ए-पुर-शिकन हूँ सँवारे मुझे कोई| मुज़फ़्फ़र हनफ़ी
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मिलता है क्यूँ नदी के!
अब तक तो ख़ुद-कुशी का इरादा नहीं किया,मिलता है क्यूँ नदी के किनारे मुझे कोई| मुज़फ़्फ़र हनफ़ी
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ज़िंदगी और बता तेरा इरादा क्या है!
आज मैं अपने यूट्यूब चैनल से अपने स्वर में एक गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे स्वर्गीय रामावतार त्यागी जी ने लिखा था और मेरे प्रिय गायक मुकेश जी ने गाया था। मुकेश जी द्वारा गाया रामावतार त्यागी जी का लिखे गीत मेरे स्वर में -ज़िंदगी और बता तेरा इरादा क्या है!https://youtu.be/G 4LeDjZXzC8 आशा है…
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कविता से बाहर!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि और मेरे अग्रज कुबेर दत्त जी की एक रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ। कुबेर जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है कुबेर दत्त जी की यह कविता – कभी-कभी सोचता हूँबहुत हो गईबहुत हो गई कविताई । जीवन के नाम पर शेषचेक एक…
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काँटों में रख के फूल!
काँटों में रख के फूल हवा में उड़ा के ख़ाक, करता है सौ तरह से इशारे मुझे कोई| मुज़फ़्फ़र हनफ़ी
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पागल हूँ चाहता हूँ!
गो जानता हूँ सब ही निशाने पे हैं यहाँ,पागल हूँ चाहता हूँ न मारे मुझे कोई| मुज़फ़्फ़र हनफ़ी