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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 30th May 2019

    सब देखते रह जाएंगे, ले जाऊंगा एक दिन!

    मैंने राजकपूर जी की प्रसिद्ध फिल्म- ‘संगम’ के दो गीत शेयर किए हैं अभी तक, दो गीतों का मैंने सिर्फ ज़िक्र  करके छोड़ दिया। क्या समय था वह, फिल्म के हर गीत पर मेहनत होती थी। हर गीत सुपरहिट होता था। कभी-कभी तो फिल्म नहीं चलती थी, लेकिन गीत धूम मचाते रहते थे। खैर प्रेम-त्रिकोण…

  • 29th May 2019

    ये मेरा प्रेम पत्र पढ़कर कि तुम नाराज ना होना

    कल मैंने राजकपूर जी की प्रसिद्ध फिल्म- ‘संगम’ का एक गीत शेयर किया था, फिर खयाल आया कि इस फिल्म के सभी गीत लाजवाब थे। हर गीत का इस सुपर हिट प्रेम-त्रिकोण आधारित फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण रोल था। जैसे दो गीत ग्लैमर और राज साहब की शोमैनशिप की मिसाल थे-…

  • 28th May 2019

    ज़िंदगी हमें तेरा ऐतबार न रहा!

    सदाबहार गायक मुकेश जी के गाये गीतों के क्रम में आज प्रस्तुत कर रहा हूँ, 1964 में रिलीज़ हुई राज कपूर जी की ब्लॉक बस्टर फिल्म- संगम का एक गीत। इस फिल्म में महान निर्माता, निर्देशक, अभिनेता और शो-मैन राज कपूर जी ने ऐसे लापरवाह किस्म के नायक की भूमिका निभाई है जो किसी बात…

  • 27th May 2019

    मुझे तलाश है सुनहरे हिरण की – रवींद्रनाथ ठाकुर

    आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…

  • 25th May 2019

    दुष्ट डाकिया-रवींद्रनाथ ठाकुर

    आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…

  • 24th May 2019

    लिखा गया दीवारों पर!

    लीजिए चुनाव के परिणाम भी आ गए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने धन्यवाद देते हुए कहा कि ‘जनता ने इस फक़ीर की झोली भर दी’। प्रधानमंत्री के उच्च पद पर सुशोभित व्यक्ति की इस सरलता को ‘लुटियंस दिल्ली’ के खास किस्म का चश्मा पहनने वाले बुद्धिजीवी नहीं समझ पाएंगे। चुनाव परिणामों पर चर्चा के दौरान…

  • 23rd May 2019

    61. अरुण यह मधुमय देश हमारा

    आज फिर से पुराने ब्लॉग का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग- आज याद आ रहा है, शायद 27 वर्ष तक, मैं स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर संदेश तैयार किया करता था, ये संदेश होते थे पहले 5 वर्ष (1983 से 1987) हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की इकाइयों (मुसाबनी और…

  • 21st May 2019

    हमको अपना साया तक अक्सर बेज़ार मिला!

    आज गुरुदत्त जी की 1957 में रिलीज़ हुई प्रसिद्ध फिल्म-प्यासा का एक गीत शेयर कर रहा हूँ, साहिर लुधियानवी जी के लिखे इस बेहद खूबसूरत गीत को, एस.डी.बर्मन जी के संगीत निर्देशन में हेमंत कुमार जी ने अपनी सघन, गहन, अनुगूंज भरी  आवाज में गाकर अमर कर दिया है। यह गीत अपने आप ही इतना…

  • 20th May 2019

    यहीं रहती थी वह- रवींद्रनाथ ठाकुर

    आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…

  • 19th May 2019

    Inspirational Books- Useful or Not!

    Do you think Inspirational books are really useful ? #Inspirationalbooks Mentioned above is the #IndiSpire prompt, based on which I am sharing my views today. There are several types of books, creative literary books for which basic thing needed is creativity, imagination and a great style of narration, story-telling. For inspirational books also and for…

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