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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 25th Mar 2018

    174. जैसे बहते हुए पानी पे हो ‘पानी’ लिखना

    डॉ. कुंवर बेचैन जी की गीत पंक्तियां याद आ रही हैं- दिल पे मुश्किल है बहुत, दिल की कहानी लिखना जैसे बहते हुए पानी पे हो, पानी लिखना। बहता हुआ पानी गतिशीलता का, जीवंतता का और सरसता का प्रतीक है। शुरू से ही नदियों के किनारे नगर बसते आए हैं, सभ्यताओं का विकास हुआ है।…

  • 25th Mar 2018

    42. एक तो तेरा भोलापन है, एक मेरा दीवानापन!

    यादों के समुंदर से एक और मोती, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग! मैंने लखनऊ प्रवास का ज्यादा लंबा ज़िक्र नहीं किया और ऊंचाहार के सात वर्षों को तो लगभग छोड़ ही दिया, क्योंकि मुझे लगा कि जो कुछ वहाँ हुआ, वह पहले भी हो चुका था। राजनीति की कोई कितनी बात करेगा! ऊंचाहार…

  • 24th Mar 2018

    173. फसल काटती लड़की का गीत

    आज विलियम वर्ड्सवर्थ की एक प्रसिद्ध कविता का सहज अनुवाद, हिंदी में प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा हूँ। यह अत्यंत प्रसिद्ध रचना है, संभव है इस अनुवाद में कोई कमी रह गई हो, क्योंकि कविता के अर्थ-विस्तार को समझना और फिर उसे पुनः सृजित करना उतना आसान तो नहीं होता, कोई कमी रह गई…

  • 23rd Mar 2018

    172. आईना मुझसे मेरी पहली सी सूरत मांगे!

    सूरज सनीम जी का लिखा एक गीत शेयर कर रहा हूँ जिसे ज़नाब तलत अजीज़ ने फिल्म- डैडी के लिए गाया है और यह गीत अनुपम खेर जी पर बड़ी सुंदरता से और खूबसूरत संदर्भ में फिल्माया गया है। कुल मिलाकर बात इतनी है  कि हम ज़िंदगी में जो पाना चाहते हैं, उसे पाने के…

  • 23rd Mar 2018

    41. मधु का सागर लहराता था…!

    यादों के समुंदर से एक और मोती, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग! मैंने कितनी नौकरियों और अलग-अलग स्थानों पर तैनाती के बहाने से अपनी राम-कहानी कही है, याद नहीं। लेकिन आज दो नौकरियों की याद आ रही है, जिनका ज़िक्र नहीं हुआ। जाहिर है ये काम मैंने शुरू के समय में, बेरोज़गार रहते…

  • 22nd Mar 2018

    Wander Thirst by Gerald Gould- Poem translation!

    भ्रमण, यायावरी और यदि धार्मिक उद्देश्य जोड़ दें तो यह पवित्र होकर तीर्थ यात्रा बन जाता है। जी हाँ, आज गेराल्ड गॉल्ड की अंग्रेजी कविता याद आ रही है, जो मुझे बचपन से ही बहुत प्रिय रही है। आज मैं यहाँ उसका यथासंभव हिंदी अनुवाद प्रस्तुत करने का भी प्रयास कर रहा हूँ- भ्रमण पिपासा…

  • 22nd Mar 2018

    171. भ्रमण पिपासा

    भ्रमण, यायावरी और यदि धार्मिक उद्देश्य जोड़ दें तो यह पवित्र होकर तीर्थ यात्रा बन जाता है। जी हाँ, आज गेराल्ड गॉल्ड की अंग्रेजी कविता याद आ रही है, जो मुझे बचपन से ही बहुत प्रिय रही है। आज मैं यहाँ उसका यथासंभव हिंदी अनुवाद प्रस्तुत करने का भी प्रयास कर रहा हूँ- भ्रमण पिपासा…

  • 22nd Mar 2018

    171. Translation of Poem by Gerald Gould

    भ्रमण, यायावरी और यदि धार्मिक उद्देश्य जोड़ दें तो यह पवित्र होकर तीर्थ यात्रा बन जाता है। जी हाँ, आज गेराल्ड गॉल्ड की अंग्रेजी कविता याद आ रही है, जो मुझे बचपन से ही बहुत प्रिय रही है। आज मैं यहाँ उसका यथासंभव हिंदी अनुवाद प्रस्तुत करने का भी प्रयास कर रहा हूँ- भ्रमण पिपासा…

  • 21st Mar 2018

    40. मालूम क्या किसी को, दर्द-ए-निहां हमारा!

    यादों के समुंदर में एक और डुबकी , लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग! पता नहीं क्या सोचकर यह ब्लॉग लिखने की शुरुआत की थी। और इसको शेयर करता हूँ ट्विटर पर, फेसबुक पर! जैसे गब्बर सिंह ने सवाल पूछा था, क्या सोचा था सरदार बहुत खुश होगा, शाबाशी देगा! यहाँ पर सरदार कौन…

  • 20th Mar 2018

    170. जब इश्क़ तुम्हें हो जाएगा!

    आज सईद राही जी की लिखी गज़ल याद आ रही है, जिसे जगजीत सिंह और चित्रा सिंह ने गाकर एक नया आयाम प्रदान कर दिया। इस गज़ल में कुल मिलाकर प्रेम की, इश्क़ की ताक़त, उसके जुनून के बारे में बताया गया है। वास्तव में जब कोई इंसान प्रेम में डूब जाता है, वैसे यहाँ…

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