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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 3rd Apr 2018

    180. मार्ग जिस पर चला नहीं कोई!

    आज रॉबर्ट फ्रॉस्ट की लिखी प्रसिद्ध अंग्रेजी कविता ‘द रोड नॉट टेकन’ का हिंदी अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यदि कहीं मूल कथ्य के साथ न्याय न हो पाया हो तो पहले ही क्षमा चाहता हूँ, पर उसके कारण मैं मानता हूँ कि महान रचनाओं के अनुवाद का प्रयास करने संबंधी मेरे उत्साह पर कोई…

  • 2nd Apr 2018

    179. मैं वो एक मुश्त-ए-गुबार हूँ!

    आज एक प्रसिद्ध गज़ल के बारे में बात कर लेते हैं, जिसके बारे में बहुत से लोग कहते हैं कि यह बहादुर शाह ज़फर साहब की लिखी हुई है, लेकिन यह वास्तव में  मुज़्तर ख़ैराबादी जी ने लिखी थी, जो जावेद अख्तर जी के दादा तथा जां निसार अख्तर साहब के पिता थे। इस गज़ल को रफी…

  • 1st Apr 2018

    45. हर कोई अपनी ही आवाज़ से कांप उठता है !

    लीजिए आज फिर से प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग- (यह ब्लॉग मैंने गुड़गांव से गोआ शिफ्ट होने से पहले लिखा था)। हाँ तो कहाँ जाना है- गोआ! जो एक पर्यटक के रूप में वहाँ गए हैं, उनके मन में एक छवि होगी गोआ की, लेकिन वहाँ रहने वाले के लिए तो गोआ कुल मिलाकर,…

  • 31st Mar 2018

    178. पुरस्कार के बहाने!

    कभी कभी कुछ अलग लिखने का मन करता है, आज इसके लिए मुझे बहाना भी मिल गया क्योंकि ब्लॉग लेखन संबंधी एक एवार्ड के लिए मेरा नॉमिनेशन हो गया। मैंने, सेवानिवृत्ति से पूर्व, 22 वर्ष तक सार्वजनिक क्षेत्र की एक महानवरत्न कंपनी में काम किया, बहुत सी बार अपने ब्लॉग्स में कंपनी का नाम लिखा…

  • 30th Mar 2018

    THE VERSATILE BLOGGER AWARD

    THE VERSATILE BLOGGER AWARD It was a great surprise for me when today I came to know that sh. Krishna Kumar Lakhotia Ji has nominated me for The Versatile Bloggers Award. Sh. Lakhotia’s blog is titled as “kishanlakhotia(Meditation Now or Never).” and his website is http://www.krishnalakhotia.com. Sh. Lakhotia Ji writes very useful and enlightening blogs…

  • 30th Mar 2018

    177. पेपर लीक बनाम स्किल डेवलपमेंट

    दिल्ली में सीबीएसई के कुछ पेपर लीक होने की घटना बहुत खेदजनक है और ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। यह प्रवृत्ति बढ़ती ही जा रही है। वर्तमान व्यवस्था के रहते इसमें सुधार की संभावना नजर नहीं आ रही है। आइए विचार करें कि इस प्रकार की घटनाएं आखिर क्यों बढ़ रही हैं। युवाओं के…

  • 29th Mar 2018

    44. रोशनी के साथ हंसिए बोलिये!

    लीजिए आज फिर से प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग- संक्रमण काल है, सामान जा चुका, अब अपने जाने की बारी है। ऐसे में भी मौका मिलने पर बात तो की जा सकती है। समय है गुड़गांव से गोआ शिफ्ट होने का, गुड़गांव के साथ 7 वर्ष तक पहचान जुड़ी रही, अब गोआ अपना ठिकाना…

  • 28th Mar 2018

    176. ज़िंदगी काहे को है, ख्वाब है दीवाने का !

    आज सोचा कि ज़िंदगी के बारे में बात करके, ज़िंदगी को उपकृत कर दें। शुरू में डॉ. कुंवर बेचैन जी की पंक्तियां याद आ रही हैं, डॉ. बेचैन मेरे लिए गुरू तुल्य रहे हैं और उनकी गीत पंक्तियां अक्सर याद आ जाती हैं- ज़िंदगी का अर्थ मरना हो गया है, और जीने के लिए हैं…

  • 27th Mar 2018

    175. लाख यहाँ झोली फैला ले …

    आज किशोर दा का गाया एक गीत शेयर कर रहा हूँ, फिल्म-फंटूश से, इसे लिखा है साहिर लुधियानवी जी ने और संगीतकार हैं- सचिन देव बर्मन जी। यही दुनिया है जिसमें हमें रहना होता है, और कहाँ जाएंगे, लेकिन एक तो कुछ लोगों के जीवन में परिस्थितियां ऐसी बन जाती हैं, और फिर जब इस…

  • 26th Mar 2018

    43. रात लगी कहने सो जाओ देखो कोई सपना!

    आज फिर नया कुछ लिखने का मन नहीं है, ऐसे में सर्वश्रेष्ठ विकल्प यही है, जब तक पुराना माल बाकी हो, कि कोई पुरानी आइटम निकालो और झाड़-पोंछकर प्रस्तुत कर दो। आज भी वही कर रहा हूँ। प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग- मैंने पिछले 42 दिनों में, अपने बचपन से लेकर वर्ष 2010 तक,…

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