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दिल की बातें!
प्रस्तुत है आज का यह गीत, आप सुधीजनों की सम्मति चाहूंगा- कितने पिछड़े हो तुम प्रियअब भी दिल की बातें करते हो, यह सारा जग है विनिमय काकेवल बुद्धि यहाँ चलती है,यहाँ सभी को दिलवालों की बुद्धिहीनता ही खलती है, किस दुनिया में रहते हो तुमकिस जग में विचरण करते हो। मंडी लगी यहाँ उन्नति…
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ज़ख़्मी इंसाँ ज़ख़्मी!
ज़ख़्मी सरहद ज़ख़्मी क़ौमें ज़ख़्मी इंसाँ ज़ख़्मी मुल्क,हर्फ़-ए-हक़ की सलीब उठाए कोई मसीह तो आए अब| अली सरदार जाफ़री
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दिन फिरते हैं कब!
देखें दिन फिरते हैं कब तक देखें फिर कब मिलते हैं,दिल से दिल आँखों से आँखें हाथ से हाथ और लब से लब| अली सरदार जाफ़री
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लहू लहू है शाम!
ख़ंजर ख़ंजर क़ातिल अबरू दिलबर हाथ मसीहा होंट,लहू लहू है शाम-ए-तमन्ना आँसू आँसू सुब्ह-ए-तरब| अली सरदार जाफ़री
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सब मज़लूम हैं!
जिस की तेग़ है दुनिया उस की जिस की लाठी उस की भैंस,सब क़ातिल हैं सब मक़्तूल हैं सब मज़लूम हैं ज़ालिम सब| अली सरदार जाफ़री
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शहीद वंदना- यूट्यूब चैनल पर
आज मैं अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से एक और अत्यंत श्रेष्ठ रचना शेयर कर रहा हूँ। आज की रचना है – शहीद वंदना और इसकी रचनाकार हैं स्वर्गीया इंदुमति कौशिक जीhttps://youtu.be/DzEXKReyEhI प्रस्तुत है यह रचना मेरे स्वर में यूट्यूब चैनल पर आशा है आपको पसंद आएगीधन्यवाद।
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दिल की दीवारें!
प्रस्तुत है आज का यह गीत, आप सुधीजनों की सम्मति चाहूंगा- ये दिल की कच्ची दीवारेंकितने धक्के खाती हैं। यदि तुम करते रहे भरोसावही मिलेगा धोखा-धोखाप्रेम करो तो प्रेम मिलेगायह है सबसे बडा शिगूफा,यह प्रक्रिया नहीं रुकती हैऋतुएं आती-जाती हैं। शायद प्रेम वही शाश्वत हैजो हम प्रभु से करते हैं, बाकी रंग सभी कच्चे हैंचढ़ते…