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जिसमें नया कुछ दिख सके, वह एक दर्पण चाहिए
आज हिंदी काव्य मंचों के अत्यंत प्रसिद्ध कवियों में से एक, स्व. रमानाथ अवस्थी जी का एक गीत शेयर करने का मन हो रहा है। जैसे किसी ने कहा है- ‘मंज़िलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है, सिर्फ पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।’ कुछ वैसी ही…
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तुम चलती गईं- रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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68. हाय रे हाय ओ दुनिया, हम तेरी नज़र में आवारे!
आज फिर से पुरानी ब्लॉग पोस्ट का दिन है और प्रस्तुत है मेरी यह पुरानी पोस्ट- एक फिल्मी गाना याद आ रहा है, फिल्म थी- ’मैं नशे में हूँ’, यह गीत राज कपूर जी पर फिल्माया गया है, शैलेंद्र जी ने लिखा है, शंकर जयकिशन का संगीत और आवाज़ है मेरे प्रिय गायक मुकेश जी…
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वसंत के एक दिन – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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ज़िंदगी और कुछ भी नहीं, तेरी मेरी कहानी है!
आज मैं 1972 में रिलीज़ हुई मनोज कुमार जी की फिल्म – शोर का एक प्रसिद्ध गीत शेयर करना चाहता हूँ जिसे मुकेश जी और लता मंगेशकर जी ने गाया है। श्री संतोषानंद जी के लिखे इस गीत का संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जी की अमर जोड़ी ने दिया था। अपने प्रिय गायक मुकेश जी के…
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Learning and Life
We do several things in our life for survival, maintaining our status etc. but I have a feeling that the basic purpose of life is learning. A person is living as long as he or she is open to learning. The moment a person feels that he has learnt everything; he is as good as…
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मुझे अक्सर अचंभा होता है -रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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मुझसे बात करो मेरे प्रिय – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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नींद मेरी आँखों से दूर-दूर भागे!
आज लता मंगेशकर जी और मुकेश जी का गाया एक बहुत मस्त गीत, फिल्म- ‘हरियाली और रास्ता’ का याद आ रहा है, 1962 में रिलीज़ हुई इस फिल्म के नायक थे मनोज कुमार जी और नायिका थीं- माला सिन्हा, वैसे इस फिल्म में शशिकला भी थीं और यह एक प्रकार से प्रेम त्रिकोण वाली फिल्म…
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वनवास का क्षेत्र- रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…