Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 26th Feb 2022

    मेरी आवाज़ वहां तक पहुंचे!

    एक इस आस पे अब तक है मेरी बन्द जुबां,कल को शायद मेरी आवाज़ वहां तक पहुंचे। गोपालदास “नीरज”

  • 26th Feb 2022

    जो तेरे मकाँ तक पहुंचे!

    वो न ज्ञानी ,न वो ध्यानी, न बिरहमन, न वो शेख,वो कोई और थे जो तेरे मकाँ तक पहुंचे। गोपालदास “नीरज”

  • 26th Feb 2022

    ये ख़ामोशी कहाँ तक पहुंचे!

    इतना मालूम है, ख़ामोश है सारी महफ़िल,पर न मालूम, ये ख़ामोशी कहाँ तक पहुंचे । गोपालदास “नीरज”

  • 26th Feb 2022

    ऐ यार ! वहाँ तक पहुंचे!

    हम तेरी चाह में, ऐ यार ! वहाँ तक पहुंचे।होश ये भी न जहाँ है कि कहाँ तक पहुंचे। गोपालदास “नीरज”

  • 26th Feb 2022

    जो अगर-मगर में रहा!

    हज़ारों रत्न थे उस जौहरी की झोली में,उसे न कुछ भी मिला जो अगर-मगर में रहा । गोपालदास “नीरज”

  • 26th Feb 2022

    रोटी की ही ख़बर में रहा!

    वो और ही थे जिन्हें थी ख़बर सितारों की,मेरा ये देश तो रोटी की ही ख़बर में रहा । गोपालदास “नीरज”

  • 26th Feb 2022

    मीरा की चश्मे-तर में रहा!

    तू ढूँढ़ता था जिसे जा के बृज के गोकुल में,वो श्याम तो किसी मीरा की चश्मे-तर में रहा । गोपालदास “नीरज”

  • 26th Feb 2022

    हमेशा तेरी डगर में रहा!

    वो जिस्म ही था जो भटका किया ज़माने में,हृदय तो मेरा हमेशा तेरी डगर में रहा । गोपालदास “नीरज”

  • 26th Feb 2022

    अजनबी के घर में रहा!

    तमाम उम्र मैं इक अजनबी के घर में रहा ।सफ़र न करते हुए भी किसी सफ़र में रहा । गोपालदास “नीरज”

  • 26th Feb 2022

    दिल चुरा कर न हमको !

    स्वर्गीय गोपाल सिंह ‘नेपाली’ जी की एक रूमानी कविता आज शेयर कर रहा हूँ| नेपाली जी अपने समय के सुरीले कवियों, गीतकारों में गिने जाते थे और कवि सम्मेलनों में उनका काव्य पाठ सुनने के लिए भी श्रोता लालायित रहते थे| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय गोपाल सिंह ‘नेपाली’ जी की यह कविता– दिल चुरा…

←Previous Page
1 … 1,289 1,290 1,291 1,292 1,293 … 1,525
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,136 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar