Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 2nd Jan 2021

    तुम्हारा मन नहीं छूते!

    आज एक बार फिर से मैंने अपने एक प्रिय कवि स्वर्गीय किशन सरोज जी का एक गीत शेयर करना चाहा और किया भी, लेकिन मालूम हुआ की मैं कुछ महीने पहले ही उसे शेयर कर चुका था| लीजिए अब प्रस्तुत कर रहा हूँ उनका यह गीत- नीम तरू से फूल झरते हैँतुम्हारा मन नहीं छूतेबड़ा…

  • 2nd Jan 2021

    नैन में तिरता हुआ जल !

    आज एक बार फिर से मैं अपने एक प्रिय कवि स्वर्गीय किशन सरोज जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ, जो गीतों के ऐसे सर्जक थे कि उनको बस सुनते ही जाने का मन होता था| लीजिए प्रस्तुत है आंसुओं की मारक शक्ति से भरा हुआ यह गीत- नींद सुख कीफिर हमें सोने न…

  • 1st Jan 2021

    नववर्ष 2021 !

    कोरोना की महामारी के माहौल में यह साल गुज़र गया और आखिर आ ही गया नया साल! एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट को संशोधित रूप में प्रस्तुत कर रहा हूँ|नववर्ष का शिशु, धरती पर अपने नन्हे पांव रख चुका है, इसकी अगवानी कीजिए। आज ज्ञान बघारने का समय नहीं है, यह सोचें कि क्या है जो…

  • 31st Dec 2020

    दिन की बुझी शिराओं में, एक और उमर आई!

    एक बार फिर से मैं आज अपने एक प्रिय कवि स्वर्गीय रमेश रंजक जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ| यह गीत है शाम का, बचपन में हमने गीत पढ़े थे ग्रामीण परिवेश पर शाम के, जब गोधूलि वेला में बैल रास्ते में धूल उड़ाते हुए घर लौटते हैं| यह शहरी परिवेश में शाम…

  • 30th Dec 2020

    इन दिलों में कौन सा दिल है !

    आज अकबर इलाहाबादी साहब की एक ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ| लफ्जों की कारीगरी जो कविता/ग़ज़ल में होती है वह इसमें बाकायदा मौजूद है|प्रस्तुत है यह ग़ज़ल- कहाँ ले जाऊँ दिल, दोनों जहाँ में इसकी मुश्क़िल है ।यहाँ परियों का मज़मा है, वहाँ हूरों की महफ़िल है । इलाही कैसी-कैसी सूरतें तूने बनाई हैं,हर सूरत…

  • 29th Dec 2020

    स्वतन्त्रता- रवीन्द्रनाथ ठाकुर

    आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। आज भी मैंने अनुवाद के लिए अंग्रेजी कविता को ऑनलाइन उपलब्ध कविताओं…

  • 28th Dec 2020

    सपने, सुरीले सपने!

    आज एक बार फिर से मैं अपने प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक गीत शेयर करना चाहूँगा| ये गीत राजेश खन्ना जी और अमिताभ जी के कुशल अभिनय से युक्त फिल्म- आनंद से है, जो 1971 में रिलीज़ हुई थी| इस फिल्म में मुकेश जी का गाया एक और गीत- ‘कहीं दूर जब दिन…

  • 27th Dec 2020

    घाट-घाट घूमे, निहारी सारी दुनिया!

    आज एक बार फिर से मैं हिन्दी काव्य मंचों के एक प्रसिद्ध हस्ताक्षर, छंदबद्ध हास्य कविता के श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय अल्हड़ बीकानेरी जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| एक प्रसिद्ध भजन है जिसे उन्होंने आधुनिक संदर्भों में अलग ढंग से प्रस्तुत किया| लीजिए प्रस्तुत है यह कविता – साधू, संत, फकीर, औलिया, दानवीर,…

  • 26th Dec 2020

    चार किताबें पढ़कर ये भी, हम जैसे हो जाएंगे!

    आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ| निदा फाज़ली साहब की एक गज़ल है- तन्हा तन्हा दुख झेलेंगे महफ़िल महफ़िल गाएँगेजब तक आँसू पास रहेंगे तब तक गीत सुनाएँगे। यह गज़ल पहले भी शायद मैंने शेयर की है, आज इस गज़ल का एक शेर खास तौर पर याद आ रहा था-…

  • 25th Dec 2020

    लंदन में शॉपिंग का एक और दिन!

    दो वर्षों में किए गए लंदन प्रवास के जो अनुभव मैं शेयर कर रहा था, आज उसकी अंतिम कड़ी है, अर्थात अगस्त-सितंबर में डेढ़ माह के लंदन प्रवास से संबंधित यह अंतिम आलेख है, लीजिए इसको भी झेल लीजिए| इस वर्ष के लंदन प्रवास का आज अंतिम रविवार था। यह तो निश्चित ही है कि…

←Previous Page
1 … 1,260 1,261 1,262 1,263 1,264 … 1,377
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar