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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 27th Apr 2022

    पैवस्त हुआ और टूट गया!

    क्या शय थी किसी की पहली नज़र कुछ इसके अलावा याद नहीं,इक तीर सा दिल में जैसे लगा पैवस्त हुआ और टूट गया| शमीम जयपुरी

  • 27th Apr 2022

    आया हुआ दामन छूट गया!

    जब दिल को सुकूँ ही रास न हो फिर किससे गिला नाकामी का,हर बार किसी का हाथों में आया हुआ दामन छूट गया| शमीम जयपुरी

  • 27th Apr 2022

    हर मय-कश का दिल टूट गया!

    साक़ी के हाथ से मस्ती में जब कोई साग़र छूट गया,मय-ख़ाने में ये महसूस हुआ हर मय-कश का दिल टूट गया| शमीम जयपुरी

  • 27th Apr 2022

    इक दिल था वो भी टूट गया!

    दुनिया-ए-मोहब्बत में हमसे हर अपना पराया छूट गया,अब क्या है जिस पर नाज़ करें, इक दिल था वो भी टूट गया| शमीम जयपुरी

  • 27th Apr 2022

    कभी तोड़ दिए जाते हैं!

    आबगीनों की तरह दिल हैं ग़रीबों के ‘शमीम’ ,टूट जाते हैं कभी तोड़ दिए जाते हैं| शमीम जयपुरी

  • 27th Apr 2022

    जो ज़हर पिए जाते हैं!

    अपनी तारीख़-ए-मोहब्बत के वही हैं सुक़रात, हँस के हर साँस पे जो ज़हर पिए जाते हैं| शमीम जयपुरी

  • 27th Apr 2022

    सर-आँखों पे लिए जाते हैं!

    उनके क़दमों पे न रख सर, के है ये बे-अदबी, पा-ए-नाज़ुक तो सर-आँखों पे लिए जाते हैं| शमीम जयपुरी

  • 27th Apr 2022

    आँसू भी पिए जाते हैं!

    नश्शा दोनों में है साक़ी मुझे ग़म दे के शराब, मय भी पी जाती है, आँसू भी पिए जाते हैं| शमीम जयपुरी

  • 27th Apr 2022

    ‘हाला’- बच्चन जी की मधुबाला से

    आज स्वर्गीय हरिवंश राय बच्चन जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| बच्चन जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं और उनके बारे में काफी बातें भी की हैं| एक घटना जो मुझे अक्सर याद आती है वह है आकाशवाणी, नई दिल्ली में श्रीमती कमला शास्त्री द्वारा लिया गया बच्चन…

  • 26th Apr 2022

    अँधेरों को दिए जाते हैं!

    हम हैं एक शम्अ मगर देख के बुझते बुझते, रौशनी कितने अँधेरों को दिए जाते हैं| शमीम जयपुरी

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