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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 27th Oct 2021

    भक्ति

    पूजा घर में मूर्ति, मीरा के संग श्याम,जैसी जिसकी चाकरी, वैसे उसके दाम| निदा फाज़ली

  • 27th Oct 2021

    सारा जग मधुवन लगता है!

    हिन्दी काव्य मंचों पर गीतों के राजकुमार के नाम से विख्यात हुए स्वर्गीय गोपाल दास ‘नीरज’ जी का एक गीत आज शेयर कर रहा हूँ| नीरज जी ने भारतीय फिल्मों को भी अपने साहित्यिक और रोमांटिक गीतों के माध्यम से समृद्ध किया था| विशेष बात यह थी कि नीरज जी को स्वर्गीय मीना कुमारी जी…

  • 26th Oct 2021

    ये इल्म का सौदा!

    ये इल्म का सौदा ये रिसाले ये किताबेंइक शख़्स की यादों को भुलाने के लिए हैं| जां निसार अख़्तर

  • 26th Oct 2021

    मंदिर में दीप !

    देखूँ तेरे हाथों को तो लगता है तेरे हाथमंदिर में फ़क़त दीप जलाने के लिए हैं| जां निसार अख़्तर

  • 26th Oct 2021

    ख़्वाब!

    आँखों में जो भर लोगे तो काँटों से चुभेंगेये ख़्वाब तो पलकों पे सजाने के लिए हैं| जां निसार अख़्तर

  • 26th Oct 2021

    बदन

    सोचो तो बड़ी चीज़ है तहज़ीब बदन कीवर्ना ये फ़क़त आग बुझाने के लिए हैं| जां निसार अख्तर

  • 26th Oct 2021

    दर्द

    अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा देंकुछ दर्द कलेजे से लगाने के लिए हैं| जां निसार अख़्तर

  • 26th Oct 2021

    अशआ’र

    अशआ’र मेरे यूँ तो ज़माने के लिए हैंकुछ शेर फ़क़त तुमको सुनाने के लिए हैं| जां निसार अख़्तर

  • 26th Oct 2021

    कोई शहर से आया होगा!

    आज विख्यात अभिनेत्री शबाना आज़मी के पिता और हमारे देश के जाने माने शायर ज़नाब कैफ़ी आज़मी साहब की एक ग़ज़ल शेयर कर रहा हूं| कैफ़ी आज़मी साहब को एक विद्रोही शायर के रूप में भी जाना जाता है| एक अनोखा ही अंदाज़ था उनका बात कहने का, जैसे ‘तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो,…

  • 25th Oct 2021

    आवारगी 6

    कल रात तनहा चाँद को देखा था मैंने ख़्वाब में‘मोहसिन’ मुझे रास आएगी शायद सदा आवारगी। मोहसिन नक़वी

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