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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 5th May 2026

    जागे कोई सोए कोई!

    ये कहाँ की रीत है जागे कोई सोए कोई,रात सब की है तो सब को नींद आनी चाहिए| मदन मोहन दानिश

  • 5th May 2026

    तन चाहे कहीं भी हो मन है सफर में!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में स्वर्गीय रमानाथ अवस्थी जी के गीत का अगला भाग प्रस्तुत कर रहा हूँ- तन चाहे कहीं भी हो मन है सफर में! आशा है आपको यह पसन्द आएगा,धन्यवाद। ******

  • 5th May 2026

    आरज़ू कल आग की थी!

    और क्या आख़िर तुझे ऐ ज़िंदगानी चाहिए,आरज़ू कल आग की थी आज पानी चाहिए| मदन मोहन दानिश

  • 5th May 2026

    माना कि तेरे प्यार में!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में मुकेश जी का एक दर्द भरा गीत शेयर कर रहा हूँ जो रिलीज़ नहीं हो सकी फिल्म- शुभ चिंतक के लिए रिकॉर्ड किया गया थ, अंजान जी के लिखे इस गीत का संगीत जे. जगदीश जी द्वारा तैयार किया गया था- माना कि तेरे…

  • 5th May 2026

    लश्कर नहीं देखे जाते!

    ज़िंदा रहना है तो हालात से डरना कैसा,जंग लाज़िम हो तो लश्कर नहीं देखे जाते| मेराज फ़ैज़ाबादी

  • 5th May 2026

    फिर मुझको रसखान बना दे!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय बेकल उत्साही जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। बेकल जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय बेकल उत्साही जी का यह गीत – माँ मेरे गूंगे शब्दों कोगीतों का अरमान बना दे .गीत मेरा बन जाये कन्हाई,फिर मुझको रसखान…

  • 4th May 2026

    सादा-मिज़ाजी से मिलो!

    उस से मिलना है तो फिर सादा-मिज़ाजी से मिलो,आईने भेस बदल कर नहीं देखे जाते| मेराज फ़ैज़ाबादी

  • 4th May 2026

    समुंदर नहीं देखे जाते!

    भीगती आँखों के मंज़र नहीं देखे जाते,हम से अब इतने समुंदर नहीं देखे जाते| मेराज फ़ैज़ाबादी

  • 4th May 2026

    मन है सफर में!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में स्वर्गीय रमानाथ अवस्थी जी के गीत ‘भीड़ में न भी रहता हूँ वीरान के सहारे‘ का अगला भाग प्रस्तुत कर रहा हूँ- तन चाहे कहीं भी हो मन है सफर में! आशा है यह आपको पसंद आएगा, धन्यवाद। ******

  • 4th May 2026

    ये खेल मुकम्मल हो जाए!

    ज़ुल्म और सब्र का ये खेल मुकम्मल हो जाए,उस को ख़ंजर जो दिया है मुझे सर भी देना| मेराज फ़ैज़ाबादी

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