Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 1st Nov 2022

    मिरे हाथ न लिखने पाऊँ!

    सोच तो लेता हूँ क्या लिखना है पर लिखते समय, काँपते क्यूँ है मिरे हाथ न लिखने पाऊँ| राजेश रेड्डी

  • 1st Nov 2022

    उठती है वो बात न लिखने पाऊँ!

    बस क़लम-बंद किए जाऊँ मैं उनकी हर बात, दिल से जो उठती है वो बात न लिखने पाऊँ| राजेश रेड्डी

  • 1st Nov 2022

    दोनों को इक साथ न लिखने पाऊँ!

    हिन्दू को हिन्दू मुसलमान को लिक्खूँ मुस्लिम, कभी इन दोनों को इक साथ न लिखने पाऊँ| राजेश रेड्डी

  • 1st Nov 2022

    हालात न लिखने पाऊँ!

    दिन को दिन रात को मैं रात न लिखने पाऊँ, उनकी कोशिश है कि हालात न लिखने पाऊँ| राजेश रेड्डी

  • 1st Nov 2022

    मुनादी!

    आज एक बार फिर मैं हिन्दी के प्रसिद्ध कवि और साप्ताहिक पत्रिका ‘धर्मयुग’ के यशस्वी संपादक रहे स्वर्गीय धर्मवीर भारती जी की एक लंबी और प्रसिद्ध कविता शेयर कर रहा हूँ जो उन्होंने आपातकाल में लिखी थी क्योंकि उस समय के शासन को जयप्रकाश नारायण जी के आंदोलन से निपटने के लिए दमन का ही…

  • 31st Oct 2022

    रोज़ के सदमात ने रोने न दिया!

    एक दो रोज़ का सदमा हो तो रो लें “फ़ाकिर”,हमको हर रोज़ के सदमात ने रोने न दिया| सुदर्शन फ़ाकिर

  • 31st Oct 2022

    वक़्त-ए-मुलाक़ात ने रोने न दिया!

    तुझसे मिलकर हमें रोना था बहुत रोना था,तंगी-ए-वक़्त-ए-मुलाक़ात ने रोने न दिया| सुदर्शन फ़ाकिर

  • 31st Oct 2022

    मजबूरी-ए-हालात ने रोने न दिया!

    रोनेवालों से कह दो उनका भी रोना रो लें,जिनको मजबूरी-ए-हालात ने रोने न दिया| सुदर्शन फ़ाकिर

  • 31st Oct 2022

    आपकी इस बात ने रोने न दिया!

    आप कहते थे के रोने से न बदलेंगे नसीब,उम्र भर आपकी इस बात ने रोने न दिया| सुदर्शन फ़ाकिर

  • 31st Oct 2022

    ग़ैरत-ए-जज़्बात ने रोने न दिया!

    इश्क़ में ग़ैरत-ए-जज़्बात ने रोने न दिया,वर्ना क्या बात थी किस बात ने रोने न दिया| सुदर्शन फ़ाकिर

←Previous Page
1 … 1,100 1,101 1,102 1,103 1,104 … 1,528
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,132 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar