Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 3rd May 2022

    और जब ऐसा किया मैंने तो!

    अपनों को अपना कहा चाहे किसी दर्जे के हों,और जब ऐसा किया मैंने तो शरमाया नहीं| वसीम बरेलवी

  • 3rd May 2022

    मैं तो मगर प्यासा नहीं!

    जा दिखा दुनिया को मुझको क्या दिखाता है ग़ुरूर,तू समुंदर है तो है, मैं तो मगर प्यासा नहीं| वसीम बरेलवी

  • 3rd May 2022

    प्यास की शिद्दत का अंदाज़ा नहीं!

    वो समझता था उसे पाकर ही मैं रह जाऊँगा,उसको मेरी प्यास की शिद्दत का अंदाज़ा नहीं| वसीम बरेलवी

  • 3rd May 2022

    खुल के मिलने का सलीक़ा!

    खुल के मिलने का सलीक़ा आपको आता नहीं,और मेरे पास कोई चोर दरवाज़ा नहीं| वसीम बरेलवी

  • 3rd May 2022

    टी०वी० पर भेड़िए!

    स्वर्गीय कुबेरदत्त जी किसी ज़माने में मेरे मित्र हुआ करते थे, जब वे बेरोज़गार थे, संघर्ष कर रहे थे, बहुत अच्छे गीत लिखते थे| बाद में वे दूरदर्शन में पदस्थापित हो गए, काफी प्रगति की उन्होंने, दूरदर्शन पर बहुत सुंदर कार्यक्रम भी दिए, साहित्यिक गोष्ठियों आदि के तो वे विशेषज्ञ थे, लेकिन दूरदर्शन में जाने…

  • 2nd May 2022

    वो बस्ती भी जल रही है!

    न जलने पाते थे जिसके चूल्हे भी हर सवेरे,सुना है कल रात से वो बस्ती भी जल रही है| जावेद अख़्तर

  • 2nd May 2022

    तुम्हारी दीवार गल रही है!

    मैं क़त्ल तो हो गया तुम्हारी गली में लेकिन,मेरे लहू से तुम्हारी दीवार गल रही है| जावेद अख़्तर

  • 2nd May 2022

    ज़ंजीर धीरे-धीरे पिघल रही है!

    जो मुझको ज़िंदा जला रहे हैं वो बेख़बर हैं,कि मेरी ज़ंजीर धीरे-धीरे पिघल रही है| जावेद अख़्तर

  • 2nd May 2022

    उँगलियों से फिसल रही है!

    वो ढल रहा है तो ये भी रंगत बदल रही है,ज़मीन सूरज की उँगलियों से फिसल रही है| जावेद अख़्तर

  • 2nd May 2022

    टूटे हुए खिलौने का!

    है पाश-पाश मगर फिर भी मुस्कुराता है,वो चेहरा जैसे हो टूटे हुए खिलौने का | जावेद अख़्तर

←Previous Page
1 … 1,097 1,098 1,099 1,100 1,101 … 1,382
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar