Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 3rd Jan 2023

    दुख की धूम मचा के देखो!

    दिल का घर सुनसान पड़ा है, दुख की धूम मचा के देखो| मुनीर नियाज़ी

  • 3rd Jan 2023

    सोच के दीप जला के देखो!

    आज की रात बहुत काली है, सोच के दीप जला के देखो| मुनीर नियाज़ी

  • 3rd Jan 2023

    गीत पुराने गा के देखो!

    किसी अकेली शाम की चुप में, गीत पुराने गा के देखो| मुनीर नियाज़ी

  • 3rd Jan 2023

    दूरी में क्या भेद छुपा है!

    दूरी में क्या भेद छुपा है, इसकी खोज लगा के देखो| मुनीर नियाज़ी

  • 3rd Jan 2023

    उनसे नयन मिला के देखो!

    उनसे नयन मिला के देखो, ये धोका भी खा के देखो| मुनीर नियाज़ी

  • 3rd Jan 2023

    भीड़-भाड़ में!

    आज एक बार फिर मैं अपने समय में काव्य मंचों पर धूम मचाने वाले स्वर्गीय मुकुट बिहारी ‘सरोज’ जी का एक गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ| सरोज जी के गीत भी कुछ अलग तरह के होते थे और उनकी प्रस्तुति भी काफी रोचक होती थी| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय मुकुट बिहारी ‘सरोज’ जी का…

  • 2nd Jan 2023

    उसकी पशेमानी मुझे दे दो!

    वो दिल जो मैंने माँगा था मगर ग़ैरों ने पाया है, बड़ी शय है अगर उसकी पशेमानी मुझे दे दो|

  • 2nd Jan 2023

    अपनी निगहबानी मुझे दे दो!

    मैं देखूँ तो सही दुनिया तुम्हें कैसे सताती है, कोई दिन के लिए अपनी निगहबानी मुझे दे दो| साहिर लुधियानवी

  • 2nd Jan 2023

    ये दुख ये हैरानी मुझे दे दो!

    ये माना मैं किसी क़ाबिल नहीं हूँ इन निगाहों में, बुरा क्या है अगर ये दुख ये हैरानी मुझे दे दो| साहिर लुधियानवी

  • 2nd Jan 2023

    दिल की वीरानी मुझे दे दो!

    तुम अपना रंज-ओ-ग़म अपनी परेशानी मुझे दे दो, तुम्हें ग़म की क़सम इस दिल की वीरानी मुझे दे दो| साहिर लुधियानवी

←Previous Page
1 … 1,053 1,054 1,055 1,056 1,057 … 1,529
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,132 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar