Category: Uncategorized
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तुमने गुज़ारी रात कहाँ!
ऐ आवारा यादो फिर ये फ़ुर्सत के लम्हात कहाँ, हमने तो सहरा में बसर की तुमने गुज़ारी रात कहाँ| राही मासूम रज़ा
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मुफ्त हुए बदनाम!!
एक बार फिर से मैं एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट दोहरा रहा रहा हूँ, जो मेरे प्रिय गायक मुकेश जी का गाया हुआ एक अमर गीत है| आज मैं अपने प्रिय गायक स्वर्गीय मुकेश जी का गाया एक गीत शेयर कर रहा हूँ| मेरा मानना है की मुकेश जी का गाया लगभग हर गीत अमर है|…
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किसने बाँसुरी बजाई!
आज मैं हिन्दी के एक श्रेष्ठ कवि एवं नवगीतकार स्वर्गीय जानकीवल्लभ शास्त्री जी की एक रचना, शेयर कर रहा हूँ| इनको साहित्य के क्षेत्र में अनेक सम्मानों के साथ ही पद्मश्री सम्मान देने की भी पेशकश की गई थी जिसको उन्होंने अस्वीकार कर दिया था| लीजिए, प्रस्तुत है स्वर्गीय जानकीवल्लभ शास्त्री जी की यह रचना-…
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हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा!
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल, कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा| अहमद फ़राज़