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जब इश्क़ तुम्हें हो जाएगा!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में, जगजीत सिंह-चित्रा सिंह द्वारा गाई गई एक लोकप्रिय ग़ज़ल प्रस्तुत कर रहा हूँ- मेरे जैसे बन जाओगे, जब इश्क़ तुम्हें हो जाएगा! आशा है आपको यह पसंद आएगी,धन्यवाद। ******
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खंडहर गीत
आज फिर से प्रस्तुत है मेरा एक पुराना गीत, आप सुधीजनों की सम्मति चाहूंगा- तुम उजाड़ों से न ऊब जाओ कहींमैं सजाता रहा खंडहर इसलिए। ये तिमिर से घिरी राजसी सीढ़ियां,इनसे चढ़ती उतरती रही पीढ़ियां,युग बदलते रहे,तंत्र गलते गए,टूटती ही रहीं वंशगत रूढ़ियां। था कभी जो महल, बन वही अब गया,बेघरों के लिए है, बसेरा…
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रोते हुए मर जाना है!
मैं वो मेले में भटकता हुआ इक बच्चा हूँ,जिस के माँ बाप को रोते हुए मर जाना है| मुनव्वर राना
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घर की दहलीज़ पे!
घर की दहलीज़ पे रौशन हैं वो बुझती आँखें,मुझ को मत रोक मुझे लौट के घर जाना है| मुनव्वर राना
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मुझ को गहराई में!
मुझ को गहराई में मिट्टी की उतर जाना है,ज़िंदगी बाँध ले सामान-ए-सफ़र जाना है| मुनव्वर राना
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शांत कदम – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज फिर से पुरानी ब्लॉग पोस्ट को दोहराने का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है यह पोस्ट| आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद…