Category: Uncategorized
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ख़ुद पशीमान हुए!
ख़ुद पशीमान हुए न उसे शर्मिंदा किया,इश्क़ की वज़्अ को क्या ख़ूब निभाया हम ने| शहरयार
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कभी कभी मेरे दिल में
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में मुकेश जी और लता जी का गाया फिल्म कभी कभी का यह गाना प्रस्तुत कर रहा हूँ- कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है! आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। *****
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सन्नाटा शहर में!
आज फिर से मेरी एक पुरानी कविता प्रस्तुत है, आप सुधीजनों की सम्मति चाहूंगा- बेहद ठंडा है शहरी मरुथललो अब हम इसको गरमाएंगे,तोड़ेंगे जमा हुआ सन्नाटाभौंकेंगे, रैंकेंगे, गाएंगे। दड़बे में कुछ सुधार होना है,हमको ही सूत्रधार होना है,ये जो हम बुनकर फैलाते हैं,अपनी सरकार का बिछौना है।चिंतन सन्नाटा गहराता है,शब्द वमन से उसको ढाएंगे।तोड़ेंगे जमा…
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देख ली दुनिया हमने!
जुस्तुजू जिस की थी उस को तो न पाया हम ने,इस बहाने से मगर देख ली दुनिया हम ने| शहरयार
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दिन ढले यूँ तिरी!
सुर्ख़ फूलों से महक उठती हैं दिल की राहें,दिन ढले यूँ तिरी आवाज़ बुलाती है हमें| शहरयार
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सुंदर कांड-अंतिम भाग
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं मुकेश जी द्वारा गाए गए सुंदर कांड के अंतिम भाग का कुछ अंश अपने स्वर मे प्रस्तुत कर रहा हूँ- विनय न मानहि जलधि जड़, गए तीन दिन बीत आशा है आपको यह पसंद आएगाधन्यवाद । ******