Category: Uncategorized
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तिरा तो कोई ख़ुदा है!
मैं कब से कितना हूँ तन्हा तुझे पता भी नहीं, तिरा तो कोई ख़ुदा है मिरा ख़ुदा भी नहीं| जावेद अख़्तर
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गत और आगत!
आज एक बार फिर मैं प्रसिद्ध हिन्दी गीतकार और संपादक श्री बालस्वरूप राही जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| राही जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री बालस्वरूप राही जी का यह गीत – जाने वाले का दर्द नहीं मिटता परआने वाले का चाव…
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रत्नदीप!
आज एक बार फिर मैं प्रसिद्ध कवि स्वर्गीय श्रीकान्त वर्मा जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| इनकी कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय श्रीकान्त वर्मा जी की यह कविता – इस नीले सिंधु तीर, एक शामगीला एकान्त देखआँख डबडबाई थीऔर व्यथा की नन्ही जल चिड़ियामुझसे कुछ…