Category: Uncategorized
-
आ के देख हमदम!
दिल ओ जाँ फ़िदा-ए-राहे कभी आ के देख हमदम,सर-ए-कू-ए-दिल-फ़िगाराँ शब-ए-आरज़ू का आलम| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
-
गीतों का बादल!
आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय रमानाथ अवस्थी जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। अवस्थी जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय रमानाथ अवस्थी जी का यह गीत– मैं गीत बरसाने वाला बादल हूँ ।प्यासे नयनों में हँसता काजल हूँ ।…
-
पूछा किसी ने हाल!
ऐसा लगा ग़रीबी की रेखा से हूँ बुलंद, पूछा किसी ने हाल कुछ ऐसी अदा के साथ| कैफ़ी आज़मी
-
आवाज़-ए-पा के साथ
इक्कीसवीं सदी की तरफ़ हम चले तो हैं, फ़ित्ने भी जाग उट्ठे हैं आवाज़-ए-पा के साथ| कैफ़ी आज़मी
-
होने लगी है जिस्म में!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं अपने स्वर में दुष्यंत कुमार जी की एक प्रसिद्ध ग़ज़ल के दो शेर प्रस्तुत कर रहा हूँ (युट्यूब शॉर्ट में केवल 1 मिनट तक का ही वीडिओ शेयर किया जा सकता है)- होने लगी है जिस्म में जुम्बिश तो देखिए! आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद ।…
-
हम ने भी धूल उड़ाई!
मंज़िल से वो भी दूर था और हम भी दूर थे,हम ने भी धूल उड़ाई बहुत रहनुमा के साथ| कैफ़ी आज़मी
-
सोचा था प्यार हम न करेंगे!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में, फिल्म- ब्लफ मास्टर के लिए मुकेश जी का गाया गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे राजिंदर कृष्ण जी ने लिखा था और कल्याणजी आनंदजी ने इसका संगीत दिया है- आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। ******
-
डूबेंगे हम ज़रूर!
गर डूबना ही अपना मुक़द्दर है तो सुनो,डूबेंगे हम ज़रूर मगर नाख़ुदा के साथ| कैफ़ी आज़मी