Category: Uncategorized
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135. गीतों में कहनी थीं तुमसे कुछ बातें!
आज फिर से प्रस्तुत है एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट- चलिए अब फिर से, जो काम बीच में छोड़ दिया था अपनी अधबुनी, अधखुली कवित्ताओं को शेयर करने का, वो काम फिर से शुरू करता हूँ। आज की कविता गीत के रूप में है- गीतों में कहनी थीं, तुमसे कुछ बातें आओ कुछ समय यहीं साथ-साथ…
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वह चलती है, सुंदरता बिखेरते हुए!
पिछले कुछ दिनों में मैंने लॉर्ड बॉयरन की कुछ कविताओं का भावानुवाद प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। कविता में एक खूबसूरती यह भी होती है कि हर कोई उसे अपनी तरह से समझ सकता है। आज फिर से एक बार, अंग्रेजी के प्रसिद्ध कवि लॉर्ड बॉयरन की एक प्रसिद्ध कविता –‘शी वॉक्स इन ब्यूटी’…
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131. जवां रहो!
आज फिर से प्रस्तुत है एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट- अब जब पुरानी कविताएं शेयर करने का सिलसिला चल निकला है तो लीजिए, मेरी एक और पुरानी कविता प्रस्तुत है- सपनों के झूले में झूलने का नाम है- बचपन, तब तक-जब तक कि इन सपनों की पैमाइश जमीन के टुकड़ों, इमारत की लागत और बैंक खाते…
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The Book I love the most
Today I am expressing myself inspired by weekly prompt on #Indispire and it gives me a chance to remember a few of the books I loved to read. Though it is a fact that since long, I am not doing much of reading but some great books that I had read long back, I keep…
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WOW: Doodle Something & Write !
In life we all have so many dreams, we sometimes make resolutions, but we always keep thinking of achieving great things. Human mind is so complex and so unstable; we have several ideas in a few seconds. Sometimes we get very good ideas in mind but in a few seconds they get lost! That is…
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130. बचपन
आज फिर से प्रस्तुत है एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट- मेरी कुछ पुरानी कविताओं को शेयर करने के क्रम में, प्रस्तुत है आज की कविता- बचपन बचपन के बारे में, आपके मन में भी कुछ सपनीले खयालात होंगे, है भी ठीक, अपने आदर्श रूप में- बचपन एक सुनहरा सपना है, जो बीत जाने के बाद, बार-बार…
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129. मन के सुर राग में बंधें!
आज फिर से प्रस्तुत है एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट- पुरानी कविताएं, जिनको मैंने उस समय फाइनल नहीं माना यानी ‘पास्ट इंपर्फेक्ट’ कविताओं में से, एक कविता आज प्रस्तुत है- मुझमें तुम गीत बन रहो मुझमें तुम गीत बन रहो, मन के सुर राग में बंधें। वासंती सारे सपने पर यथार्थ तेज धूप है, मन की…
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जब हम दोनो ज़ुदा हुए
आज फिर से अंग्रेजी के प्रसिद्ध कवि लॉर्ड बॉयरन की एक और कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ। पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद- जब हम दोनो ज़ुदा हुए हम दोनो जब ज़ुदा हुए खामोशी और आंसुओं के बीच, टूटे हुए दिल के साथ, बरसों…
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128. पेड़!
आज फिर से प्रस्तुत है एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट- किसी ज़माने में कविताएं लिखने का बहुत चाव था। उस समय जो कविताएं किसी हद तक ‘परफेक्ट’ लगती थीं उनको मित्रों के बीच, गोष्ठियों में पढ़ देता था। बहुत सी पांडुलिपियां ऐसी होती थीं जिनको लेकर तसल्ली नहीं होती थी। ऐसी ही कुछ कागज़ पर सुरक्षित…
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तेरी याद दिल से भुलाने चला हूँ!
आज अपने प्रिय गायक मुकेश जी के गाये एक गीत का पहले अंग्रेजी रूपांतर प्रस्तुत करूंगा और बाद में मूल गीत प्रस्तुत करूंगा। यह गीत शैलेंद्र जी ने लिखा था और इसका संगीत दिया था – शंकर-जयकिशन कि विख्यात जोड़ी ने, फिल्म है- 1962 में रिलीज़ हुई- हरियाली और रास्ता। फिल्म के नायक थे- मनोज…