Category: Uncategorized
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17. लेखनी मिली थी गीतव्रता!
फिलहाल वही काम कर रहा हूँ, जो सबसे आसान है, अपने पुराने ब्लॉग दोहराना, लीजिए प्रस्तुत है एक और ब्लॉग। आज पहले एक गोष्ठी की बात कर लेते हैं, जो दिल्ली में हिंदी साहित्य सम्मेलन कार्यालय में हुई थी। हिंदी साहित्य सम्मेलन का यह कार्यालय उस समय था, कनॉट प्लेस में उस जगह, जहाँ अभी…
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मैं हूँ रात से भली भांति परिचित!
पिछली बार की तरह आज भी मैं विख्यात अंग्रेजी कवि श्री रॉबर्ट फ्रॉस्ट की एक कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ। पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद- मैं रहा हूँ – रात से भली भांति परिचित। मैं बरसात में निकला हूँ बाहर- और वापस भी…
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बर्फीली शाम और जंगल में पड़ाव!
पिछले दिनों मैंने लॉर्ड बॉयरन की कुछ कविताओं का भावानुवाद प्रस्तुत करने का प्रयास किया था। कविता में एक खूबसूरती यह भी होती है कि हर कोई उसे अपनी तरह से समझ सकता है। आज मैं विख्यात अंग्रेजी कवि श्री रॉबर्ट फ्रॉस्ट की एक कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल कविता प्रस्तुत कर रहा…
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16. घर, शहर, दीवार, सन्नाटा!
आज फिर से प्रस्तुत है एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट- जिस प्रकार लगभग सभी के जीवन में भौतिक और आत्मिक स्तर पर घटनाएं होती हैं, जिनको शेयर करना समीचीन होता है। मैं प्रयास करूंगा कि जहाँ तक मेरी क्षमता है, मैं रुचिकर ढंग से इन घटनाओं को आपके सपने रखूं। इस क्रम में अनेक नगर, व्यक्ति…
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रात कली एक ख्वाब में आई!
आज किशोर कुमार जी का गाया हुआ एक बहुत सुंदर गीत याद आ रहा है। यह गीत फिल्म- ‘बुड्ढा मिल गया’ के लिए आर.डी.बर्मन जी के संगीत निर्देशन में तैयार किया गया था। गीत के लेखक थे – श्री मजरूह सुल्तानपुरी जी। पहले प्रस्तुत है, इस गीत का अंग्रेजी रूपांतर, जो मैंने करने का प्रयास…
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और प्यार नहीं मिलता!
आज महेंद्र कपूर जी का गाया हुआ एक बहुत सुंदर गीत याद आ रहा है। यह गीत फिल्म-किस्मत के लिए ओ.पी.नैयर जी के संगीत निर्देशन में तैयार किया गया था। गीत के लेखक थे – श्री एस. एच. बिहारी जी। पहले प्रस्तुत है, इस गीत का अंग्रेजी रूपांतर, जो मैंने करने का प्रयास किया है-…
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3. फ्यूज बल्बों के अद्भुद समारोह में!
सबसे पहले तो आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। आज फिर से प्रस्तुत है एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट- अपनी शुरू की ब्लॉग-पोस्ट्स में मैंने अपने जीवन के कुछ प्रसंगों, कुछ घटनाओं के बारे में लिखा था। आज जयपुर नगरी से जुड़ा एक बहुत पुराना प्रसंग दोहरा रहा हूँ। हज़ारों मील लंबे रास्ते तुझको बुलाते,…
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Sunshine Blogger Award
I am writing the post today to thank a fellow blogger Sh. Abhijit Ray, who nominated me for the Sunshine Blogger Award, really such happenings are a bit surprising for me. I thank him very much for liking my blog posts and now nominating me for this award. Sh. Abhijit Ray is a very creative…
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People might find fault in every situation!
This post of mine is based on the weekly prompt on Blogadda, on the tagline- #Some might say that it’s wrong to do it this way or that way! Yes, we grow in a society, in our family, with our peers and friends. During our growth we get help and guidance from our parents, teachers,…
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Revenge is no solution!
Again it is weekend, the time to make my submission based on the weekly prompt. In our expressions, writings, discussions etc. we mostly react to the life-situations, we react as per our thinking, values, thought process, experience and common sense. What I would like to highlight in the beginning is that we often hear some…