Category: Uncategorized
-
The Book For All !
Today I am using an old post of mine to respond to an #Indispire prompt once again, earlier also it was written for IndiSpire only. It gives me a chance to remember a few of the books I loved to read. Though it is a fact that since long, I am not doing much of…
-
न तुम हारे, न हम हारे!
लीजिए आज एक बार फिर मैं अपने प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक और अमर गीत शेयर कर रहा हूँ| यह गीत भी 1968 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘दीवाना’ से ही है- यह गीत लिखा है शैलेंद्र जी ने और इसका मधुर संगीत तैयार किया है- शंकर जयकिशन की संगीतमय जोड़ी ने| पिछले गीत…
-
मुझे भी तो मोहब्बत दी है!
लीजिए एक बार फिर मैं अपने प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक और अमर गीत शेयर कर रहा हूँ| यह गीत है 1968 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘दीवाना’ से, गीत को लिखा है- हसरत जयपुरी जी ने और इसका मधुर संगीत तैयार किया है- शंकर जयकिशन की संगीतमय जोड़ी ने| सीधे-सादे, सरल हृदय लेकिन…
-
मेरे मित्र- रवीन्द्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। आज मैंने अनुवाद के लिए अंग्रेजी कविता ‘Entertainment Times’ by TOI द्वारा…
-
बदली क्या जाने है पागल, किसी के मन का मोर!
अपने प्रिय गायक मुकेश जी के अमर गाने शेयर करने के क्रम में, आज मैं 1966 में रिलीज़ हुई फिल्म- लाल बंगला का यह गीत शेयर कर रहा हूँ| गीत को लिखा है- इंदीवर जी ने और इसका मधुर संगीत तैयार किया है- उषा खन्ना जी ने| गीत के बोल पढ़ने पर यही खयाल आता…
-
The Great Cosmos Store!
This is the age of online marketing. We choose things from the catalogues available online and various offers keep those who are into shopping on their toes! I as one, never place any orders but we receive parcels regularly, these are not in my name, since don’t place orders but I am the one, who…
-
राहें भी तमाशाई, राही भी तमाशाई!
कल मैंने कैफी आज़मी साहब की एक ग़ज़ल शेयर की थी जो एक महान शायर होने के अलावा शबाना आज़मी के पिता भी थे| आज मैं ज़नाब अली सरदार जाफ़री साहब की एक रचना शेयर कर रहा हूँ, वे भी एक महान शायर थे और उनकी ही पीढ़ी के थे, फिल्मों में भी उनके बहुत…
-
तुझे भी अपने पे ये ऐतबार है कि नहीं!
आज बिना किसी भूमिका के जनाब कैफ़ी आज़मी साहब की एक प्रसिद्ध ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ, जो एक फिल्म में उनकी ही बेटी शबाना आज़मी पर फिल्माई गई थी| मन की स्थितियों को, भावनाओं को किस प्रकार ज़ुबान दी जाती है ये कैफ़ी साहब बहुत अच्छी तरह जानते थे और शायरी के मामले में…
-
Greatness of History or culture!
A question has been raised, rather a suggestion has been given that Indians should not feel proud of their history and let their past go! Yes, I personally feel that there is nothing great in our history as a nation, history is otherwise more recent, though it is past, that we remember. The English people…