Category: Uncategorized
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मौत ख़ुद काँपती है!
मौत का ख़ौफ़ हो क्या इश्क़ के दीवाने को,मौत ख़ुद काँपती है इश्क़ के दीवाने से| साहिर होशियारपुरी
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ये पूछिए परवाने से!
इश्क़ क्या चीज़ है ये पूछिए परवाने से,ज़िंदगी जिस को मयस्सर हुई जल जाने से| साहिर होशियारपुरी
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मैं भी मुंह में ज़ुबान!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में, मिर्ज़ा ग़ालिब जी की ग़ज़ल ‘दिल-ए-नादां तुझे हुआ क्या है’ के कुछ और शेर प्रस्तुत कर रहा हूँ – मैं भी मुंह में ज़ुबान रखता हूँ आशा है आपको ये पसंद आएंगे,धन्यवाद। *******
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शो’ला बनती है न ये !
ज़िंदगी एक सुलगती सी चिता है ‘साहिर’,शो’ला बनती है न ये बुझ के धुआँ होती है| साहिर होशियारपुरी
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दिल में जो बात हो!
ज़ब्त सैलाब-ए-मोहब्बत को कहाँ तक रोके,दिल में जो बात हो आँखों से अयाँ होती है| साहिर होशियारपुरी
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सीने में जलन!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं अपने स्वर में, फ़िल्म गमन की यह खूबसूरत ग़ज़ल प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे शहरयार जी ने लिखा था और जयदेव जी के संगीत निर्देशन में सुरेश वाडकर जी ने गाया था- सीने में जलन आंखों में तूफ़ान सा क्यों है! आशा है आपको यह पसंद आएगी,धन्यवाद ।…
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गीत-आघात!
आज मैं अपनी तरह के अनूठे हिंदी कवि स्वर्गीय भवानी प्रसाद मिश्र जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। भवानी दादा जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय भवानी प्रसाद मिश्र जी की यह कविता – तोड़ रहे हैंसुबह की ठंडी हवा कोफूट रही सूरज…
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रूह को शाद करे !
रूह को शाद करे दिल को जो पुर-नूर करे,हर नज़ारे में ये तनवीर कहाँ होती है| साहिर होशियारपुरी
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ख़लिश और जवाँ होती है!
वो न आए तो सताती है ख़लिश सी दिल को,वो जो आए तो ख़लिश और जवाँ होती है| साहिर होशियारपुरी
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निगाहों से बयाँ होती है!
कौन कहता है मोहब्बत की ज़बाँ होती है,ये हक़ीक़त तो निगाहों से बयाँ होती है| साहिर होशियारपुरी