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श्रीराम की जलसमाधि – भारत भूषण
आज फिर से मैं अपने प्रिय कवि/गीतकारों में से एक स्व. भारत भूषण जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। इस रचना में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जलसमाधि का प्रसंग प्रस्तुत किया गया है। श्रीराम जो शिखर पर हैं, लोगों के प्रभु हैं, अयोध्या के नरेश हैं, जब प्रसंग के अनुसार वे जल-समाधि लेते…
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The Power of Ignorance!
Today after some gap I am expressing my views based on IndiSpire prompt. The subject is quite interesting also and the idea is practically on display in various parts of India today. One thing which I wish to mention in the beginning is that Mr. Modi is very effective today. He inspires many…
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शांत कदम – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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बीते हुए दिन!
आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ- अतीत में रहना अक्सर लोगों को अच्छा लगता है, मेरी उम्र के लोगों को और भी ज्यादा। कुछ लोग तो जब मौका मिलता है अतीत में जाकर दुबक जाते हैं, या ऐसा कहते रहते हैं, हमारे समय में तो ऐसा होता…
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रतनारे नयनों में एक सपन डूब गया- किशन सरोज
प्रसिद्ध गीत कवि स्व. श्री किशन सरोज जी का स्मरण करते हुए उनके कुछ गीत शेयर कर रहा था, वैसे तो किशन जी ने इतने सुंदर गीत लिखे हैं कि लगता है कि उनको शेयर करता हि जाऊं। लेकिन फिलहाल इस क्रम में मैं इस गीत के साथ यह क्रम समाप्त करूंगा। मुझे याद है…
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कर दिए लो आज गंगा में प्रवाहित – -किशन सरोज
प्रसिद्ध गीत कवि स्व. श्री किशन सरोज जी का स्मरण करते हुए उनके कुछ गीत शेयर करने के क्रम में आज प्रस्तुत है उनका एक और प्रसिद्ध गीत। किशन सरोज जी प्रेम के और विरह के गीतों के सुकुमार बादशाह थे, किशन सरोज जी का एक ऐसा ही प्रेम-विरह का गीत आज प्रस्तुत है- …
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रत्नों मढ़ी किताब, हमारे पास नहीं – किशन सरोज
प्रसिद्ध गीत कवि स्व. श्री किशन सरोज जी का स्मरण करते हुए उनके कुछ गीत शेयर कर रहा हूँ, वैसे तो उनका हर गीत बेमिसाल है, आज एक और गीत शेयर कर रहा हूँ। किशन सरोज जी प्रेम के और विरह के गीतों के सुकुमार बादशाह थे, अक्सर उन्होंने कवि सम्मेलनों में ईमानदार और सृजनशील…
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ले न पाए हम प्रशंसा-पत्र कोई भीड़ से – किशन सरोज
भारतीय गणतंत्र दिवस के अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई। कल ही मैंने प्रसिद्ध गीत कवि स्व. श्री किशन सरोज जी का स्मरण करते हुए उनका एक गीत शेयर किया था, आज मन हो रहा है कि उनका एक और गीत शेयर कर लूं। प्रेम के और विरह के गीतों के सुकुमार बादशाह, किशन सरोज…
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जन्म जन्मों ताल सा हिलता रहा मन!
कुछ दिन पहले ही प्रसिद्ध गीत कवि श्री किशन सरोज जी के निधन की खबर आई थी, मैं बाहर था अतः समय पर उनके बारे में नहीं लिख पाया। स्व. किशन सरोज जी बहुत ही प्यारे गीतकार थे, एनटीपीसी में सेवा के दौरान हमारे कई आयोजनों में मैंने उनको आमंत्रित किया था, श्री सोम ठाकुर…
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कब और क्यों- रवींद्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…