Category: Uncategorized
-
मुस्कुरा कर इस तरह!
मुस्कुरा कर इस तरह आया न कीजे सामने,किस क़दर कमज़ोर हूँ मैं मेरी सूरत देखिए| जोश मलीहाबादी
-
मेरी ज़रूरत देखिए!
आप इक जल्वा सरासर मैं सरापा इक नज़र,अपनी हाजत देखिए मेरी ज़रूरत देखिए| जोश मलीहाबादी
-
आज अपने आंगन में धूप है उजाला है!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ स्वर्गीय इंदुमति कौशिक जी की यह सुंदर रचना- टांग दूं अरगनी पर अनधुली उदासी मैं,आज अपने आंगन में धूप है उजाला है। आशा है आपको यह रचना पसंद आएगीधन्यवाद।
-
मेरा यूट्यूब चैनल
मैं अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से अपने स्वर में अपनी तथा प्रमुख कवियों की रचनाएं, मुकेश जी के तथा अन्य प्रमुख गायकों के फिल्मी, गैर फिल्मी गीत, ग़ज़लें आदि प्रस्तुत करता हूँ जो मेरा विश्वास है कि संगीत प्रेमियों को अवश्य पसंद आएंगे। आप सभी से अनुरोध है कि मेरे चैनल को सब्स्क्राइब करके…
-
मेरी हालत देखिए !
मेरी हालत देखिए और उन की सूरत देखिए,फिर निगाह-ए-ग़ौर से क़ानून-ए-क़ुदरत देखिए| जोश मलीहाबादी
-
गीतों में भर देंगे हम!
प्रस्तुत है आज का यह गीत, आप सुधीजनों की सम्मति चाहूंगा- जो प्रसाद देगा जीवन वहगीतों में भर देंगे हम! करना सदुपयोग हमकोउपहारों का, अवशिष्टों का,मान और अपमान मिला जोया व्यवहार विशिष्टों का, लिखते नहीं बही पर सब कुछजस का तस धर देंगे हम। वैसे जीवन का उधार भीहम पर है काफी ज्यादासबसे ही कुछ…
-
पैरहन घटाओं के!
तुम ने सिर्फ़ चाहा है हम ने छू के देखे हैं,पैरहन घटाओं के जिस्म बर्क़-पारों के| साहिर लुधियानवी
-
गेसुओं की छाँव में!
गेसुओं की छाँव में दिल-नवाज़ चेहरे हैं,या हसीं धुँदलकों में फूल हैं बहारों के| साहिर लुधियानवी
-
इस तरफ़ से गुज़रे थे!
इस तरफ़ से गुज़रे थे क़ाफ़िले बहारों के,आज तक सुलगते हैं ज़ख़्म रहगुज़ारों के| साहिर लुधियानवी
-
वो काला एक बांसुरी वाला!
आज मैं अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से अपने स्वर मैं अनूप जलोटा जी का गाया हुआ यह प्रसिद्ध भजन प्रस्तुत कर रहा हूँ- वो काला एक बांसुरी वाला सुध बिसरा गया मोरी रे आशा है आपको पसंद आएगा धन्यवाद।