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किसान आंदोलन और कम्युनिस्टों के मंसूबे!
किसान नेताओं के साथ सरकार की वार्ता के एक और दौर में सफलता नहीं मिल पाई, कम्युनिस्ट लोग और हताश कांग्रेसी प्रसन्न होंगे कि उनके मंसूबे अभी तक कामयाब हो रहे हैं| मैं विशेष रूप से इस सच्चाई का उल्लेख करना चाहूँगा कि इस आंदोलन के नेतृत्व में 40 किसान संघों के नेता हैं, जिनमें…
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इंसान कहाँ तक पहुँचे!
हिन्दी काव्य मंचों के अत्यंत लोकप्रिय कवि रहे स्वर्गीय गोपाल दास नीरज जी का एक गीत आज शेयर कर रहा हूँ| नीरज जी को ‘गीतों का राजकुंवर’ भी कहा जाता है और हमारी फिल्मों को भी उन्होंने अनेक यादगार गीत दिए हैं| लीजिए आज प्रस्तुत कर रहा हूँ उनका यह गीत- हम तेरी चाह में,…
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भाजपा की वेक्सीन!
भारतवर्ष के आबादी की दृष्टि से सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री रहे श्रीमान अखिलेश यादव ने आज एक बयान दे डाला| अपने इस बयान के माध्यम से श्रीमान यादव जी ने यह बता दिया की खानदानी विरासत के दम पर भले ही श्रीमान जी इतने बड़े राज्य के मुख्य मंत्री तक रह…
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तुम्हारा मन नहीं छूते!
आज एक बार फिर से मैंने अपने एक प्रिय कवि स्वर्गीय किशन सरोज जी का एक गीत शेयर करना चाहा और किया भी, लेकिन मालूम हुआ की मैं कुछ महीने पहले ही उसे शेयर कर चुका था| लीजिए अब प्रस्तुत कर रहा हूँ उनका यह गीत- नीम तरू से फूल झरते हैँतुम्हारा मन नहीं छूतेबड़ा…
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नैन में तिरता हुआ जल !
आज एक बार फिर से मैं अपने एक प्रिय कवि स्वर्गीय किशन सरोज जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ, जो गीतों के ऐसे सर्जक थे कि उनको बस सुनते ही जाने का मन होता था| लीजिए प्रस्तुत है आंसुओं की मारक शक्ति से भरा हुआ यह गीत- नींद सुख कीफिर हमें सोने न…
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नववर्ष 2021 !
कोरोना की महामारी के माहौल में यह साल गुज़र गया और आखिर आ ही गया नया साल! एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट को संशोधित रूप में प्रस्तुत कर रहा हूँ|नववर्ष का शिशु, धरती पर अपने नन्हे पांव रख चुका है, इसकी अगवानी कीजिए। आज ज्ञान बघारने का समय नहीं है, यह सोचें कि क्या है जो…
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दिन की बुझी शिराओं में, एक और उमर आई!
एक बार फिर से मैं आज अपने एक प्रिय कवि स्वर्गीय रमेश रंजक जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ| यह गीत है शाम का, बचपन में हमने गीत पढ़े थे ग्रामीण परिवेश पर शाम के, जब गोधूलि वेला में बैल रास्ते में धूल उड़ाते हुए घर लौटते हैं| यह शहरी परिवेश में शाम…
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स्वतन्त्रता- रवीन्द्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। आज भी मैंने अनुवाद के लिए अंग्रेजी कविता को ऑनलाइन उपलब्ध कविताओं…
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सपने, सुरीले सपने!
आज एक बार फिर से मैं अपने प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक गीत शेयर करना चाहूँगा| ये गीत राजेश खन्ना जी और अमिताभ जी के कुशल अभिनय से युक्त फिल्म- आनंद से है, जो 1971 में रिलीज़ हुई थी| इस फिल्म में मुकेश जी का गाया एक और गीत- ‘कहीं दूर जब दिन…