Category: Uncategorized
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रहेगी धूप मिरे सर पे !
रहेगी धूप मिरे सर पे आख़िरी दिन तक,जवाँ है पेड़ मगर उस का आसरा क्या है| क़ैसर शमीम
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ये है रेशमी ज़ुल्फों का अंधेरा!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर मेंआशा भोसले जी का गाया ‘मेरे सनम’ फिल्म का गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे मजरूह सुल्तानपुरी जी ने लिखा थ और ओ पी नैयर जी ने इसका संगीत दिया था- ये है रेशमी ज़ुल्फों का अंधेरा न घबराइए! आशा है आपको यह पसंद आएगा,…
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देखूँ कि इंतिहा क्या है!
अभी तो काट रही है हर एक साँस की धार,अज़ल जब आए तो देखूँ कि इंतिहा क्या है| क़ैसर शमीम
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दीदी के धूल भरे पाँव!
आज फिर से मैं विख्यात हिंदी साहित्यकार, संपादक और कवि स्वर्गीय धर्मवीर भारती जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। भारती जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय धर्मवीर भारती जी की यह कविता– दीदी के धूल भरे पाँवबरसों के बाद आजफिर यह मन लौटा…
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पलट के देखने वाले!
नज़र की धुँद में हैं भूली-बिसरी तस्वीरें,पलट के देखने वाले ये देखना क्या है| क़ैसर शमीम
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खंडर खंडर है यहाँ!
शिकस्ता ख़्वाब के मलबे में ढूँढता क्या है,खंडर खंडर है यहाँ धूल के सिवा क्या है| क़ैसर शमीम
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दूर से दूर तलक!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में स्वर्गीय नीरज जी की एक ग़ज़ल के कुछ शेर प्रस्तुत कर रहा हूँ- दूर से दूर तलक एक भी दरख्त न था! आशा है आपको ये पसंद आएंगे,धन्यवाद। ******
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मगर ग़रीब की जाँ का!
मैं अपने बच्चों की ख़ातिर ही जान दे देता,मगर ग़रीब की जाँ का मुआवज़ा कम है| नवाज़ देवबंदी
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चुरा लिया है तुमने जो दिल को!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं , अपने स्वर में, फिल्म- ‘यादों की बारात’ के लिए आशा भोसले जी और मोहम्मद रफी जी का गाया रोमांटिक गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ- चुरा लिया है तुमने जो दिल को, नज़र नहीं चुराना सनम! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *******
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फ़ुज़ूल तेज़ हवाओं को!
फ़ुज़ूल तेज़ हवाओं को दोश देता है,उसे चराग़ जलाने का हौसला कम है| नवाज़ देवबंदी