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चलो उनके चहरे से पर्दा हटा दें!
क़यामत के दीवाने कहते हैं हमसे,चलो उनके चहरे से पर्दा हटा दें| सुदर्शन फ़ाकिर
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वफ़ाओं के हम, वो नशेमन बना दें!
कभी ग़म की आँधी, जिन्हें छू न पाए,वफ़ाओं के हम, वो नशेमन बना दें| सुदर्शन फ़ाकिर
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चाहत में उनकी, ख़ुदा को भुला दें!
अगर ख़ुद को भूले तो, कुछ भी न भूले,कि चाहत में उनकी, ख़ुदा को भुला दें| सुदर्शन फ़ाकिर
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चलो ज़िंदगी को मोहब्बत बना दें!
हर एक मोड़ पर हम ग़मों को सज़ा दें,चलो ज़िंदगी को मोहब्बत बना दें| सुदर्शन फ़ाकिर