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जितनी हममें दूरी है!
मिलना और बिछुड़ना दोनोंजीवन की मजबूरी है।उतने ही हम पास रहेंगे,जितनी हममें दूरी है। डॉ. कुंवर बेचैन
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हैं बहुत छोटे!
मेरे लिए गुरुतुल्य रहे स्वर्गीय डॉक्टर कुँवर बेचैन जी के बहुत से गीत मैंने पहले शेयर किए हैं| बहुत ही सरल स्वभाव वाले और अत्यंत सृजनशील रचनाकार थे डॉक्टर बेचैन जी, मुझे भी उनका स्नेह प्राप्त करने का अवसर मिला था| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय डॉक्टर कुँवर बेचैन जी का यह नवगीत- जिंदगी की…
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हमारा कोई नहीं!
हम डोले ऑल अलॉन्ग हमारा कोई नहीं, मिड ओशन में है बोट, किनारा कोई नहीं| (कहीं सुना हुआ)
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उस निगाह के बाद!
जनाब कृष्ण बिहारी ‘नूर’ साहब भारत के प्रसिद्ध उर्दू शायरों की फेहरिस्त में शामिल हैं| उनकी बहुत सी ग़ज़लें जगजीत सिंह जी ने और अन्य प्रमुख ग़ज़ल गायकों ने गाई हैं| जैसे ‘ज़िंदगी से बड़ी सज़ा ही नहीं, और क्या जुर्म है पता भी नहीं’ और ‘बस एक वक़्त का खंजर मेरी तलाश में है’|…