अभी तो सिर्फ़ कमाल-ए-ग़ुरूर देखा है,
तुझे क़सम है तमाशे भी इंकिसार* के देख|
*विनम्रता
महशर आफ़रीदी
A sky full of cotton beads like clouds
अभी तो सिर्फ़ कमाल-ए-ग़ुरूर देखा है,
तुझे क़सम है तमाशे भी इंकिसार* के देख|
*विनम्रता
महशर आफ़रीदी
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