ज़रा तुझे भी तो एहसास-ए-हिज्र हो जानाँ,
बस एक रात मेरे हाल में गुज़ार के देख|
महशर आफ़रीदी
मेरे हाल में गुज़ार के देख!
One response to “मेरे हाल में गुज़ार के देख!”
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🤍🤍
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A sky full of cotton beads like clouds
🤍🤍
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