ज़लज़ले की सूरत में!

ज़लज़ले की सूरत में इश्क़ वार करता है,
सोचने समझने में देर कुछ तो लगती है|

अमजद इस्लाम अमजद

2 responses to “ज़लज़ले की सूरत में!”

    1. हार्दिक आभार जी

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