हाल-ए-परेशाँ सुन कर मेरा!

हाल-ए-परेशाँ सुन कर मेरा आँख में उस की आँसू हैं,
मैं ने उस से झूट कहा हो ऐसा भी हो सकता है|

मलिकज़ादा मंज़ूर अहमद

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